Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। उम्मीद है कि अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में यह चुनाव कराए जाएंगे, जिसके लिए जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। पिछले मेयर महेश
Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। उम्मीद है कि अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में यह चुनाव कराए जाएंगे, जिसके लिए जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। पिछले मेयर महेश कुमार का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म हो चुका है, इसलिए अब नए मेयर के चुनाव की तैयारी चल रही है।
MCD मेयर चुनाव में कौन करेगा वोटिंग और क्या हैं नियम?
इस चुनाव में वोटिंग गुप्त मतदान (Secret Ballot) के जरिए होगी। इसमें पार्षद, सांसद और विधायक हिस्सा लेंगे। चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- कुल 250 पार्षद, 7 लोकसभा सांसद, 3 राज्यसभा सांसद और 14 नामित विधायक वोट डालेंगे।
- 14 नामित विधायकों का चुनाव दिल्ली विधानसभा में पार्टियों की ताकत के हिसाब से किया जाता है।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, नॉमिनेटेड पार्षद (Aldermen) मेयर या डिप्टी मेयर के चुनाव में वोट नहीं दे सकते।
- मेयर बनने के लिए उम्मीदवार को 137 या 138 वोटों की जरूरत होगी।
मेयर पद का रोटेशन सिस्टम और जिम्मेदारियां क्या हैं?
MCD में मेयर का चुनाव एक रोटेशन सिस्टम के तहत होता है, जिसमें पांच साल का कार्यकाल एक-एक साल के पांच हिस्सों में बंटा होता है। इस सिस्टम की जानकारी इस प्रकार है:
| वर्ष |
आरक्षण/श्रेणी |
| पहला साल |
महिला |
| दूसरा साल |
जनरल कैटेगरी |
| तीसरा साल |
आरक्षित श्रेणी |
| चौथा और पांचवां साल |
जनरल कैटेगरी |
चुने हुए मेयर का मुख्य काम निगम की सभी बैठकों की अध्यक्षता करना होता है। इसके अलावा, मेयर ही डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करवाते हैं।
राजनीतिक समीकरण और असर
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला AAP और BJP के बीच देखा जा रहा है, जबकि कांग्रेस भी इसमें शामिल है। BJP नेताओं के बीच दिल्ली में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार (केंद्र, राज्य और नगर निगम) बनाने की चर्चाएं चल रही हैं। खास बात यह है कि MCD मेयर चुनाव में पार्षदों पर दलबदल कानून (Anti-defection law) लागू नहीं होता है।