Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को नए मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना है। इस बार का मुकाबला एकतरफा नजर आ रहा है क्योंकि मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। ऐ
Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को नए मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना है। इस बार का मुकाबला एकतरफा नजर आ रहा है क्योंकि मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। ऐसे में भाजपा के पार्षदों की संख्या को देखते हुए उनके उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
AAP ने चुनाव क्यों नहीं लड़ा और क्या है उनका तर्क
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पार्टी ने भाजपा को शासन करने का एक और मौका देने के लिए यह फैसला लिया है। उनका कहना है कि वे भाजपा के ‘फोर-इंजन’ गवर्नेंस मॉडल की विफलताओं को उजागर करना चाहते हैं। वहीं, विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने कहा कि वे पार्षदों की खरीद-फरोख्त (horse-trading) के खेल में नहीं पड़ना चाहते और उन्होंने भाजपा उम्मीदवारों को मेयर बनने का खुला ऑफर भी दिया है।
BJP की क्या है तैयारी और कौन होंगे उम्मीदवार
भाजपा ने इस चुनाव के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। पार्टी ने परवेश वाही को मेयर पद के लिए और मोनिका पंत को डिप्टी मेयर के लिए अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाया है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने AAP के फैसले को बेतुका बताया और कहा कि AAP के पास अब बहुमत नहीं रहा है, इसलिए वे पीछे हटे हैं। वर्तमान मेयर राजा इकबाल सिंह ने भी कहा कि बहुमत की कमी ही AAP के पीछे हटने की असली वजह है।
चुनाव के नियम और जीत के लिए कितने वोट चाहिए
MCD के नियमों के मुताबिक मेयर का चुनाव पार्षदों के साथ-साथ मनोनीत सांसदों और विधायकों के जरिए गुप्त मतदान से होता है। इस बार के चुनाव के लिए कुल 249 पार्षद, 14 विधायक और 10 सांसद (7 लोकसभा और 3 राज्यसभा) वोट डालेंगे। जीत हासिल करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 137 वोटों की जरूरत होगी। मेयर का कार्यकाल एक साल का होता है और यह पद रोटेशन सिस्टम के तहत तय किया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली MCD मेयर चुनाव की तारीख क्या है?
दिल्ली नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को होना तय हुआ है।
मेयर बनने के लिए कितने वोटों की जरूरत है?
इस चुनाव के लिए कुल इलेक्टोरल कॉलेज में पार्षद, विधायक और सांसद शामिल हैं, जिसमें जीत के लिए 137 वोटों का जादुई आंकड़ा पार करना होगा।