Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। 3 जून 2026 को हुई एक दर्दनाक आग की घटना के बाद MCD और अन्य एजेंसियां शहर भर में ‘जीरो टॉलरेंस’
Delhi: राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। 3 जून 2026 को हुई एक दर्दनाक आग की घटना के बाद MCD और अन्य एजेंसियां शहर भर में ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी लागू कर रही हैं। इस अभियान के तहत उन इमारतों को निशाना बनाया जा रहा है जिन्होंने फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन किया है या बिना अनुमति के निर्माण किया है।
MCD की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा क्या है?
1 जून से 9 जून 2026 के बीच MCD ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस दौरान कुल 139 प्रॉपर्टीज को गिराया गया और 199 दुकानों या संस्थानों को सील किया गया। अधिकारियों ने अवैध निर्माण के लिए 132 और सीलिंग के लिए 121 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। अकेले 9 जून को ही 86 प्रॉपर्टीज की जांच हुई, जिसमें 16 को ढहाया गया और 29 को सील किया गया।
| विवरण |
संख्या/डेटा |
| कुल ढहाई गई प्रॉपर्टीज (1-9 जून) |
139 |
| कुल सील किए गए संस्थान (1-9 जून) |
199 |
| कुल जारी कारण बताओ नोटिस |
253 |
| कुल जारी डिमोलिशन ऑर्डर |
126 |
| 9 जून को जांची गई साइट्स |
86 |
निर्माण के कौन से नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई?
प्रशासन मुख्य रूप से ‘G+5 या 17m नियम’ पर ध्यान दे रहा है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने साफ कहा है कि ग्राउंड प्लस फाइव की सीमा और निर्माण नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वजीराबाद जैसे इलाकों में ऐसी कई इमारतें मिली हैं जिनके पास न तो स्वीकृत नक्शा था और न ही फायर NOC। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, किसी भी अवैध ढांचे को गिराने से पहले 15 दिन का नोटिस देना जरूरी है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
आम जनता और बिल्डर्स के लिए क्या चेतावनी है?
मालवीय नगर MLA सतीश उपाध्याय ने कहा कि यह अभियान रियल एस्टेट के अवैध विस्तार के बजाय जन सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार इमारतों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस फ्रेमवर्क पर विचार कर रही है, जिसमें बीमा तभी मिलेगा जब बिल्डिंग स्ट्रक्चरल सेफ्टी के सभी मानकों को पूरा करेगी। MCD ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले मालिकों और बिल्डरों को कानूनी अंजाम भुगतना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD अवैध निर्माण को गिराने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाती है?
सुप्रीम कोर्ट के नियमों के मुताबिक, प्रशासन को अवैध ढांचे को गिराने से पहले 15 दिन का नोटिस देना होता है। इसके साथ ही पूरी डिमोलिशन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करना अनिवार्य है।
दिल्ली में निर्माण के लिए कौन सा मुख्य नियम लागू है?
दिल्ली में ‘G+5 या 17m नियम’ लागू है। यदि कोई बिल्डर या मकान मालिक ग्राउंड प्लस फाइव की सीमा या निर्धारित ऊंचाई मानकों का उल्लंघन करता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और कानूनी कार्रवाई होगी।