Delhi: राजधानी दिल्ली के महापौर कार्यालय को सोमवार सुबह एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इस खबर के बाद दिल्ली पुलिस तुरंत हरकत में आई और पूरे इलाके की गहन तलाशी ली। इस घटना से सिविक
Delhi: राजधानी दिल्ली के महापौर कार्यालय को सोमवार सुबह एक धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। इस खबर के बाद दिल्ली पुलिस तुरंत हरकत में आई और पूरे इलाके की गहन तलाशी ली। इस घटना से सिविक सेंटर के आसपास हड़कंप मच गया, लेकिन बाद में पुलिस ने इसे महज एक अफवाह बताया।
धमकी कब मिली और पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सोमवार, 4 मई 2026 को सुबह करीब 9:20 बजे यह धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था। इसमें दोपहर 3:11 बजे बम विस्फोट होने की चेतावनी दी गई थी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने महापौर कार्यालय और सिविक सेंटर के सभी संवेदनशील हिस्सों की बारीकी से जांच की, लेकिन वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
क्या पहले भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं?
यह पहली बार नहीं है जब महापौर कार्यालय को इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले 1 अप्रैल 2026 को भी ऐसा ही एक ई-मेल आया था, जिसमें भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ बताया था। साल 2022 में भी ऐसी ही एक घटना सामने आई थी। फिलहाल पुलिस की साइबर टीम ई-मेल के सोर्स का पता लगाने में जुटी है ताकि भेजने वाले की पहचान की जा सके।
प्रशासन और महापौर ने क्या कहा?
महापौर राजा इकबाल सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन पर भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि शरारती तत्व केवल डर का माहौल बनाना चाहते हैं, जिससे सरकारी काम या जनता की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, महापौर कार्यालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर ऐसी बार-बार मिल रही धमकियों पर कड़ी कार्रवाई और विस्तृत जांच की मांग की है। सुरक्षा के लिहाज से सिविक सेंटर में सीसीटीवी निगरानी बढ़ा दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महापौर कार्यालय को बम की धमकी कब और कैसे मिली?
4 मई 2026 को सुबह 9:20 बजे एक ई-मेल के जरिए धमकी मिली थी, जिसमें दोपहर 3:11 बजे विस्फोट की चेतावनी दी गई थी।
क्या तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध चीज मिली?
नहीं, दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की जांच की लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इसे अफवाह करार दिया गया।