Delhi: राजधानी दिल्ली के बड़े और छोटे बाजारों में एक बार फिर सीलिंग का डर बैठ गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद MCD ने रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल एक्टिविटीज का सर्वे शुरू किया है। इस कार्रवाई की जद में चांद
Delhi: राजधानी दिल्ली के बड़े और छोटे बाजारों में एक बार फिर सीलिंग का डर बैठ गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद MCD ने रिहायशी इलाकों में चल रही कमर्शियल एक्टिविटीज का सर्वे शुरू किया है। इस कार्रवाई की जद में चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग और लाजपत नगर जैसे प्रमुख बाजार आ सकते हैं, जिससे लाखों दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।
कौन-कौन से इलाके और बाजार हैं इस दायरे में
MCD के इस सर्वे से दिल्ली के कई बड़े व्यापारिक केंद्र प्रभावित हो सकते हैं। मुख्य रूप से चांदनी चौक, सदर बाजार, करोल बाग, कीर्ति नगर, अमर कॉलोनी, लाजपत नगर, गांधी नगर, कृष्णा नगर और राजौरी गार्डन जैसे इलाकों में डर का माहौल है। इन बड़े बाजारों के अलावा शहर के सैकड़ों छोटे बाजार भी इस दायरे में आ सकते हैं, जहाँ हजारों कारोबारी अपना काम कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला और सुप्रीम कोर्ट का आदेश
यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से शुरू हुआ है जिसमें सभी नगर निगमों को रिहायशी इलाकों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई थी। MCD ने इस निर्देश पर काम करते हुए सर्वे किया है और अब 20 मई 2026 तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी है। व्यापारियों का कहना है कि मास्टर प्लान 2021 के तहत कई इलाके मिक्स-यूज में थे और वे अब मास्टर प्लान 2041 के लागू होने तक किसी भी कार्रवाई को टालने की मांग कर रहे हैं।
सरकार और अधिकारियों ने क्या कहा
मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया है कि सरकार इस मामले की समीक्षा कर रही है और वह चांदनी चौक जैसे इलाकों के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी। वहीं MCD कमिश्नर Sanjeev Khirwar ने कहा कि वे दिल्ली सरकार और DDA के साथ सलाह-मशविरा कर रहे हैं और व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाएगा। व्यापारियों की मुख्य मांग है कि जिन 2183 सड़कों पर 70 प्रतिशत से ज्यादा व्यापार हो रहा है, उन्हें आधिकारिक तौर पर कमर्शियल घोषित किया जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MCD की सर्वे रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में कब जमा होगी
MCD को रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की अपनी सर्वे रिपोर्ट 20 मई 2026 तक सुप्रीम कोर्ट में पेश करनी है।
व्यापारियों की मुख्य मांग क्या है
व्यापारियों की मांग है कि मास्टर प्लान 2041 लागू होने तक सीलिंग न की जाए और जिन सड़कों पर 70% से ज्यादा व्यापार हो रहा है, उन्हें कमर्शियल घोषित किया जाए।