Delhi: दिल्ली के मशहूर लेडी श्री राम (LSR) कॉलेज में इन दिनों काफी तनाव है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कनिका के. आहूजा का एक वीडियो BJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर आने के बाद छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का
Delhi: दिल्ली के मशहूर लेडी श्री राम (LSR) कॉलेज में इन दिनों काफी तनाव है। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कनिका के. आहूजा का एक वीडियो BJP के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर आने के बाद छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं, इसलिए यह विरोध जारी रहेगा।
विवाद की मुख्य वजह क्या है और छात्र क्या मांग रहे हैं?
यह पूरा मामला 13 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जब BJP के ‘BJP4India’ पेज पर एक वीडियो डाला गया। इसमें प्रिंसिपल डॉ. आहूजा नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) की तारीफ कर रही थीं। इसके बाद 15 अप्रैल से कॉलेज कैंपस में प्रदर्शन शुरू हो गया। छात्रों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- BJP के सोशल मीडिया पेज से उस वीडियो को तुरंत हटाया जाए।
- प्रिंसिपल एक सार्वजनिक स्पष्टीकरण दें कि उनके विचार निजी हैं, कॉलेज के नहीं।
- प्रशासन और BJP प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत की पूरी जानकारी दी जाए।
प्रिंसिपल डॉ. कनिका आहूजा ने अपनी सफाई में क्या कहा?
प्रिंसिपल डॉ. आहूजा ने स्पष्ट किया कि वीडियो में कही गई बातें उनकी निजी राय थीं और इसका कॉलेज की आधिकारिक नीति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो असल में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के लिए एक इवेंट के दौरान बनाया गया था, जिसे BJP ने उनकी अनुमति के बिना अपलोड कर दिया। उन्होंने महिला आरक्षण बिल को एक जरूरी संवैधानिक सुधार बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि करीब 4,000 छात्रों में से केवल 175 छात्र ही इस प्रदर्शन में शामिल हैं।
प्रदर्शन के दौरान और क्या आरोप लगे?
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर ‘भगवाकरण’ करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पहले कैंपस को ‘अपोलिटिकल’ रखने के नाम पर छात्रों की आवाज दबाई गई, लेकिन अब प्रिंसिपल खुद एक राजनीतिक पार्टी के वीडियो में नजर आईं, जो कि पाखंड है। प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों ने यह शिकायत भी की है कि कॉलेज प्रशासन ने उनके माता-पिता को फोन करके विरोध प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी है।