Delhi: दिल्ली के पूर्व मेयर और पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष Adesh Kumar Gupta को एक बड़ी राहत मिली है। दिल्ली लोकपाल ने उनके खिलाफ दर्ज एक शिकायत को खारिज कर दिया है। लोकपाल ने पाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निर
Delhi: दिल्ली के पूर्व मेयर और पूर्व दिल्ली BJP अध्यक्ष Adesh Kumar Gupta को एक बड़ी राहत मिली है। दिल्ली लोकपाल ने उनके खिलाफ दर्ज एक शिकायत को खारिज कर दिया है। लोकपाल ने पाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से निराधार थे और उनमें कोई दम नहीं था।
क्या थे Adesh Gupta पर लगे आरोप
एडवोकेट Hemant Chaudhary ने शिकायत दर्ज कराई थी कि Adesh Gupta ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। उन पर सरकारी जमीन कब्जाने और गलत तरीकों से संपत्ति जमा करने के आरोप थे। यह मामला उनके वार्ड नंबर 98 के पार्षद और नॉर्थ दिल्ली नगर निगम के मेयर (2017-2022) रहने के समय का था।
लोकपाल ने किन सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया
लोकपाल जस्टिस Harish Chandra Mishra ने 7 मई 2026 को यह आदेश जारी किया। जांच के दौरान Assistant Director (Investigation) ने गुप्ता और उनके परिवार के बैंक खातों, इनकम टैक्स रिटर्न और प्रॉपर्टी के कागजों की बारीकी से जांच की। गुप्ता ने बताया कि उन्होंने संपत्तियां लोन, परिवार से लिए उधार और गहनों की बिक्री से खरीदी थीं। गवाहों ने भी उनके खातों और ITR के जरिए पैसों के स्रोत की पुष्टि की।
शिकायतकर्ता क्यों नहीं दे पाए सबूत
क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान शिकायतकर्ता ने खुद माना कि उनके पास कोई ऐसा दस्तावेजी सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि गुप्ता ने भ्रष्टाचार किया या पद का दुरुपयोग किया। लग्जरी गाड़ियों और सरकारी जमीन कब्जाने के आरोपों को साबित करने के लिए भी कोई सबूत पेश नहीं किया गया, जिसके बाद लोकपाल ने इस केस को बंद कर दिया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Adesh Gupta पर क्या आरोप लगे थे?
उन पर पद का दुरुपयोग करने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने और अवैध तरीके से संपत्ति बनाने के आरोप लगे थे, जो उनके मेयर कार्यकाल के दौरान के थे।
लोकपाल ने यह फैसला कब और क्यों सुनाया?
लोकपाल जस्टिस Harish Chandra Mishra ने 7 मई 2026 को यह फैसला सुनाया क्योंकि जांच में भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला और संपत्तियों के स्रोत वैध पाए गए।