Delhi: राजधानी दिल्ली का मशहूर Lodhi Garden अब 90 साल पुराना हो गया है। 9 अप्रैल 1936 को इसे Lady Willingdon Park के नाम से खोला गया था, जिसे बाद में आजादी के बाद Lodhi Garden नाम दिया गया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपा
Delhi: राजधानी दिल्ली का मशहूर Lodhi Garden अब 90 साल पुराना हो गया है। 9 अप्रैल 1936 को इसे Lady Willingdon Park के नाम से खोला गया था, जिसे बाद में आजादी के बाद Lodhi Garden नाम दिया गया। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने कार्यक्रम में शिरकत की और पार्क की देखभाल करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष लंच का आयोजन किया गया।
Lodhi Garden के इतिहास और रखरखाव से जुड़ी मुख्य बातें
इस पार्क को संवारने में कई लोगों और संस्थाओं का हाथ रहा है। 1968 में Joseph Allen Stein और Garrett Eckbo ने इसका नया डिजाइन तैयार किया था। फिलहाल इसकी देखरेख NDMC और ASI जैसी संस्थाएं कर रही हैं। Green Circle Delhi नाम की संस्था 1992 से यहां के हरे-भरे इलाकों को बचाने का काम कर रही है। पार्क में लगभग 70 माली और कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि यह पर्यटकों के लिए सुंदर बना रहे।
पार्क आने वाले लोगों के लिए जरूरी नियम क्या हैं
अगर आप Lodhi Garden घूमने जा रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। यहां साफ-सफाई का खास ख्याल रखना होता है और कूड़ा सिर्फ डस्टबिन में ही डालना होता है। स्मोकिंग और शराब पीना पूरी तरह मना है। ऐतिहासिक स्मारकों को छूना या उन पर चढ़ना वर्जित है। पालतू कुत्तों को लेकर नियम इस प्रकार हैं:
- कुत्तों को केवल पट्टे (leash) पर रखकर ही लाया जा सकता है।
- पट्टे के बिना कुत्तों का प्रवेश मना है।
- कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार कुत्तों के लिए समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक सीमित है।
विशेषज्ञों ने क्यों कहा कि यह छात्रों के लिए एक क्लासरूम है
INTACH की प्रमुख Purnima Datt ने Lodhi Garden को छात्रों के लिए एक ‘जीवंत कक्षा’ बताया है क्योंकि यहां जैव विविधता बहुत ज्यादा है। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक चर्चा भी हुई जिसमें दिल्ली की नाजुक ईकोलॉजी और अरावली रेंज को बचाने पर बात की गई। इस 90वीं सालगिरह के मौके पर NDMC द्वारा लोगों को पौधे भी बांटे गए ताकि शहर की हरियाली बढ़ सके।