Delhi में अवैध कब्जों पर LG सख्त, अब ड्रोन और जियो-टैगिंग से होगी जमीनों की निगरानी
Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों और भवनों पर होने वाले अवैध कब्जों को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को साफ निर्देश दिए हैं कि अवैध कब्जों के खिला
Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों और भवनों पर होने वाले अवैध कब्जों को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को साफ निर्देश दिए हैं कि अवैध कब्जों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए। अब तकनीक के जरिए ऐसी संपत्तियों की पहचान होगी और कब्जा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उपराज्यपाल ने 3 जुलाई, 2026 को डीडीए की सलाहकार परिषद की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और कब्जों को तुरंत पकड़ने के लिए ड्रोन, जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल होगा। इसके लिए एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा जिससे जैसे ही किसी सरकारी जमीन पर कब्जा या निर्माण शुरू होगा, उसकी जानकारी तुरंत मिल जाएगी। बैठक में यमुना के बाढ़ क्षेत्र (O-Zone) जैसे संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखने को कहा गया है।
यह कार्रवाई सिर्फ कब्जा करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी। अगर कोई आर्किटेक्ट नियमों को तोड़कर अवैध निर्माण करवाता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और डी-एम्पैनलमेंट की कार्रवाई होगी। साथ ही, दिल्ली सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 के तहत सख्त कदम उठाने का फैसला किया है, जिसमें दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है। अगर किसी सरकारी अधिकारी की लापरवाही से नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई उस अधिकारी के वेतन, पेंशन और निजी संपत्ति से की जाएगी।
| विवरण | ताजा अपडेट/आंकड़े |
|---|---|
| जियो-टैगिंग | 3,700 से ज्यादा सरकारी प्लॉट (करीब 21,773 एकड़) की जियो-टैगिंग जारी है |
| ड्रोन सर्वे | 1,370 वर्ग किमी में से 1,122 वर्ग किमी का सर्वे पूरा हो चुका है |
| जमीन की रिकवरी | अप्रैल 2025 से अब तक 241.51 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई |
| MCD की कार्रवाई | 1 से 6 जून, 2026 के बीच 94 अवैध संपत्तियां गिराई गईं और 114 को सील किया गया |
| निगरानी टीम | भूमि संरक्षण के लिए 14 फ्लाइंग स्क्वॉड और फील्ड सर्वे टीमें तैनात हैं |
इस पूरे अभियान में DDA के साथ एमसीडी (MCD) और भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन किया है। जिला मजिस्ट्रेटों को भी अधिकार दिए गए हैं कि वे तुरंत कानूनी और विभागीय कार्रवाई शुरू करें। इसके अलावा, सरकार अब इमारतों के लिए थर्ड-पार्टी बीमा प्रणाली शुरू करने पर भी विचार कर रही है।