Delhi: राजधानी दिल्ली को और बेहतर बनाने के लिए अब नए बदलाव किए जा रहे हैं। उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने कहा है कि अब शहर के विकास का पैमाना सिर्फ बड़ी इमारतें नहीं, बल्कि हरियाली और लोगों का बेहतर जीवन होगा। इसके
Delhi: राजधानी दिल्ली को और बेहतर बनाने के लिए अब नए बदलाव किए जा रहे हैं। उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने कहा है कि अब शहर के विकास का पैमाना सिर्फ बड़ी इमारतें नहीं, बल्कि हरियाली और लोगों का बेहतर जीवन होगा। इसके साथ ही, मानसून से पहले NDMC ने शहर को जलभराव से बचाने के लिए कैमरों और सेंसर का सहारा लेने का फैसला किया है।
दिल्ली के विकास के लिए क्या है LG का नया विजन
उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu ने ‘Viksit Bharat 2047’ के तहत कहा कि दिल्ली को अब कंक्रीट के जंगल से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने यमुना के मैदानी इलाकों, दिल्ली रिज और स्थानीय पार्कों को बचाने पर जोर दिया है ताकि बढ़ते तापमान और जलवायु बदलाव से निपटा जा सके। प्रशासन अब पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तकनीक को जोड़ने और रिन्यूएबल एनर्जी यानी सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की योजना बना रहा है। इसके तहत पहले चरण में 101 जल निकायों को फिर से जीवित करने का काम भी चल रहा है।
जलभराव रोकने के लिए NDMC ने क्या तैयारी की है
मानसून 2026 की तैयारी के तहत NDMC ने संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे और सेंसर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया है। NDMC के वाइस चेयरमैन कुलजीत सिंह चहल के मुताबिक, इससे भारी बारिश के दौरान तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा। ड्रेनेज और सीवरेज विभाग अब रोबोटिक सर्वे और GIS मैपिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। जलभराव वाले पॉइंट्स की संख्या 14 से घटाकर अब सिर्फ कुछ ही जगहों पर सीमित कर दी गई है, जिनमें साउथ एवेन्यू और जनपथ जैसे इलाके शामिल हैं। नालों की सफाई का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जो 15 जून तक खत्म हो जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NDMC जलभराव रोकने के लिए किन तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा है
NDMC सेंसर-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, CCTV कैमरे, ढके हुए नालों का रोबोटिक सर्वे और अंडरग्राउंड पाइपलाइनों की GIS मैपिंग का इस्तेमाल कर रहा है।
उपराज्यपाल ने दिल्ली के विकास के लिए किन प्राकृतिक संपत्तियों को बचाने की बात कही है
LG ने यमुना के फ्लडप्लेन्स, दिल्ली रिज, ग्रीन बेल्ट और स्थानीय पार्कों को बचाने पर जोर दिया है ताकि जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा हो सके।