Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने बुधवार, 27 मई, 2026 को एक हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में दिल्ली के सभी सात लोकसभा सांसद और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के बड़े अधिकारी शामिल हुए। मीटिंग का मुख्य मकसद दिल्ली क
Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने बुधवार, 27 मई, 2026 को एक हाई लेवल मीटिंग की। इस बैठक में दिल्ली के सभी सात लोकसभा सांसद और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के बड़े अधिकारी शामिल हुए। मीटिंग का मुख्य मकसद दिल्ली के विकास को आम जनता की जरूरतों और जमीनी हकीकत से जोड़ना था, ताकि लोगों को बुनियादी सुविधाओं में आसानी हो।
बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर हुई चर्चा
मीटिंग के दौरान सांसदों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याओं को विस्तार से बताया। इसमें मुख्य रूप से सड़क, आवास और बुनियादी ढांचे जैसे नागरिक सुविधाओं के काम को तेजी से पूरा करने पर बात हुई। पार्किंग की समस्या और शहर के बेहतर समन्वय के लिए जमीनी निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी के ‘वॉक-टू-वर्क’ विजन को पूरा करने के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति पर चर्चा हुई, जिससे भीड़भाड़ कम होगी और किफायती घर मिलेंगे।
ट्रैफिक नियमों और शहर के विकास के लिए नए निर्देश
LG संधू ने दिल्ली को सुरक्षित बनाने के लिए लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने गलत दिशा में गाड़ी चलाने, सिग्नल तोड़ने और अवैध पार्किंग जैसी आदतों को रोकने की बात कही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रवर्तन अभियान को और बढ़ाएं। इसके अलावा, द्वारका, रोहिणी और नरेला जैसे इलाकों को आर्थिक केंद्र बनाने के लिए योजना तैयार करने को कहा गया है, जहाँ डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर प्लांट जैसे उद्योग लाए जा सकें।
मानसून की तैयारी और जल निकायों का कायाकल्प
बारिश के मौसम में होने वाले जलभराव को रोकने के लिए LG ने DDA को सख्त निर्देश दिए हैं। 15 जून तक सभी नालों की सफाई (डीसिल्टिंग) का काम पूरा करना होगा। साथ ही, जल संचय अभियान के तहत अगस्त के अंत तक 101 जल निकायों को फिर से जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। DDA ने मेट्रो कॉरिडोर के पास 14 ऐसी जगहों की पहचान की है, जहाँ किफायती घर और कमर्शियल स्पेस बनाए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में जलभराव रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उपराज्यपाल ने DDA को निर्देश दिया है कि मानसून से पहले 15 जून तक सभी नालों की डीसिल्टिंग का काम पूरा किया जाए ताकि सड़कों पर पानी न भरे।
TOD नीति से दिल्ली के लोगों को क्या फायदा होगा?
इस नीति का उद्देश्य मेट्रो कॉरिडोर के पास उच्च-घनत्व वाले किफायती आवास और व्यावसायिक स्थान बनाना है, जिससे शहरी आवागमन में सुधार होगा और भीड़भाड़ कम होगी।