Delhi: राजधानी में मानसून की बारिश से पहले जल संरक्षण की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने 11 जून, 2026 को निर्देश दिए कि शहर की सभी वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) प्रणालियों को तुरंत चालू क
Delhi: राजधानी में मानसून की बारिश से पहले जल संरक्षण की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने 11 जून, 2026 को निर्देश दिए कि शहर की सभी वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) प्रणालियों को तुरंत चालू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भूजल स्तर को बढ़ाने और पानी बचाने के प्रयासों में तेजी लाई जाए।
सरकारी भवनों और स्कूलों में क्या तैयारी है?
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने मानसून से पहले 500 नई रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं बनाने और सरकारी इमारतों में खराब पड़ी 1,000 प्रणालियों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। इस काम के पहले चरण को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 22 मई को 75 CM श्री स्कूलों में इन प्रणालियों को दोबारा चालू करने की घोषणा की थी।
आम जनता के लिए क्या नियम और फायदे हैं?
दिल्ली में 2001 से ही 100 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा के प्लॉट पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। सरकार ने 21 अप्रैल, 2026 को सरकारी दफ्तरों, पार्कों और आवासीय कॉलोनियों के लिए इसे मानसून से पहले चालू करना जरूरी कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए गए ‘कैच द रेन 2026’ अभियान के तहत लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए जल बिलों में 10% तक की छूट और सिस्टम लगाने के लिए 50,000 रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रस्ताव है।
कौन सी संस्थाएं इस काम में जुटी हैं?
इस अभियान को सफल बनाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड, DDA, MCD, PWD, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड और शिक्षा निदेशालय मिलकर काम कर रहे हैं। DDA प्रमुख सार्वजनिक केंद्रों पर 24 नई प्रणालियां विकसित कर रहा है। साथ ही, दिल्ली जल बोर्ड एक ऑनलाइन पोर्टल भी बना रहा है जिससे यह पता चल सके कि कहां सिस्टम लगा है और कहां इसकी निगरानी करनी है। जल मंत्री परवेश साहिब सिंह ने कहा कि पानी बचाना केवल एक सीजन का काम नहीं बल्कि इसे आदत बनाना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर क्या आर्थिक मदद मिलेगी?
जी हां, ‘कैच द रेन 2026’ अभियान के तहत वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने के लिए 50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता और जल बिलों पर 10% तक की छूट का प्रस्ताव है।
दिल्ली में किन प्लॉटों के लिए यह सिस्टम अनिवार्य है?
दिल्ली में साल 2001 से ही उन सभी भूखंडों (plots) के लिए वर्षा जल संचयन अनिवार्य है जिनका क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक है।