Delhi में कानून-व्यवस्था होगी सख्त, राजस्व अधिकारियों को मिली मजिस्ट्रेट की शक्तियां

Delhi: राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पुनर्गठित जिलों के राजस्व अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां देने की मंजूरी दे दी है

Delhi: राजधानी दिल्ली में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पुनर्गठित जिलों के राजस्व अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां देने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले का मुख्य मकसद नए जिलों में कामकाज को आसान बनाना और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।

यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 14 के तहत लिया गया है। बता दें कि BNSS ने अब पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की जगह ले ली है। गृह मंत्रालय की 28 जून 2024 की अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली में राज्य सरकार की ये शक्तियां अब उप-राज्यपाल के पास हैं। राजस्व विभाग ने 25 दिसंबर 2025 को जिलों का पुनर्गठन किया था, जिसके बाद इन शक्तियों को औपचारिक रूप से देना जरूरी हो गया था। दिल्ली में अब जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है।

इस प्रस्ताव को उप-राज्यपाल के पास भेजने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और गृह मंत्री आशीष सूद ने अपनी मंजूरी दी थी। अब इस फैसले के बाद उपायुक्त/जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, राजस्व सहायक, तहसीलदार और चकबंदी अधिकारी जैसे अधिकारियों के पास मजिस्ट्रेट की शक्तियां होंगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे नए जिलों में प्रशासनिक काम तेजी से होंगे और आम लोगों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। अब सरकार जल्द ही इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी।