Delhi में कचरा प्रबंधन के लिए लागू होगा Indore Model, LG ने MCD को दिए पायलट टेस्टिंग के आदेश
Delhi: दिल्ली में कचरे की समस्या से निपटने के लिए अब इंदौर के सफल मॉडल को अपनाया जाएगा। उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने पाया कि दिल्ली में रोजाना निकलने वाले कचरे का करीब आधा हिस्सा अलग-अलग नहीं किया जाता, जिससे वह स
Delhi: दिल्ली में कचरे की समस्या से निपटने के लिए अब इंदौर के सफल मॉडल को अपनाया जाएगा। उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने पाया कि दिल्ली में रोजाना निकलने वाले कचरे का करीब आधा हिस्सा अलग-अलग नहीं किया जाता, जिससे वह सीधे डंप साइट्स पर पहुंच रहा है। इस समस्या को खत्म करने के लिए LG ने MCD के एक जोन में ‘इंदौर मॉडल’ की पायलट टेस्टिंग करने का निर्देश दिया है।
सोमवार, 27 जुलाई 2026 को MCD की एक समीक्षा बैठक के दौरान LG ने अधिकारियों को बताया कि सोर्स सेग्रीगेशन (कचरे को स्रोत पर ही अलग करना) की भारी कमी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे इंदौर नगर निगम (IMC) के तरीके से सीखें, जिसने शहर को लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाया है।
इंदौर मॉडल में कचरे को छह अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाता है, जिनमें गीला, सूखा, खतरनाक, ई-वेस्ट, सैनिटरी और प्लास्टिक शामिल हैं। वहां 100% डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन होता है और सार्वजनिक कूड़ेदानों को हटा दिया गया है। इस सिस्टम में GPS वाली गाड़ियों का इस्तेमाल होता है और नियमों का पालन न करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जाता है।
MCD के एक अधिकारी ने बताया कि इस मॉडल को लागू करने में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन सोर्स सेग्रीगेशन एक बड़ी समस्या है जिसे ठीक करना जरूरी है। इसी सिलसिले में MCD की एक टीम इसी हफ्ते इंदौर जाएगी, ताकि वहां के सिस्टम को समझा जा सके और यह तय किया जा सके कि दिल्ली के लिए इसे कैसे बदला जाए।