Delhi में अवैध कब्जों पर चलेगा PBT का डंडा, LG ने दिए जीरो टॉलरेंस के आदेश, ड्रोन से होगी निगरानी

Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना नक्शे के बन रहे मकानों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली के LG टी.एस. संधू ने DDA की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में साफ कर दिया है कि अतिक्रमण के मामले में

Delhi: राजधानी दिल्ली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना नक्शे के बन रहे मकानों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली के LG टी.एस. संधू ने DDA की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में साफ कर दिया है कि अतिक्रमण के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन और इमारतों की निगरानी के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाए ताकि किसी भी अवैध निर्माण को तुरंत पकड़ा जा सके।

LG टी.एस. संधू, जो DDA के चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि शहर के विकास के लिए तकनीक का सहारा लेना जरूरी है। बैठक में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और सुधांशु त्रिवेदी भी मौजूद थे। इस दौरान दिल्ली के मास्टर प्लान की प्रगति की समीक्षा की गई और शहर को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई। LG ने जोर दिया कि अवैध निर्माण करने वालों और इसमें लापरवाही बरतने वाले आर्किटेक्ट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण रोकने के लिए DDA ने पहले ही कई कदम उठाए हैं। सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए लैंड मैनेजमेंट विभाग के तहत 14 ‘फ्लाइंग स्क्वॉड’ बनाए गए हैं, जो रोजाना फील्ड में जाकर जांच कर रहे हैं। इस अभियान के चलते अप्रैल 2025 से अब तक करीब 241.51 एकड़ सरकारी जमीन वापस ली गई है, जिसमें से 235.96 एकड़ पर अवैध निर्माण हटाए गए हैं।

निगरानी का तरीका विवरण
ड्रोन सर्वे 1,122 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा इलाके की ड्रोन से निगरानी हो रही है
जियो-टैगिंग 3,700 से ज्यादा जमीन के टुकड़ों (करीब 21,773 एकड़) की जियो-टैगिंग की गई है
वैकेंट लैंड मैनेजमेंट सिस्टम समय-समय पर फोटो खींचकर जमीन के स्टेटस की जांच की जा रही है
फ्लाइंग स्क्वॉड 14 टीमें रोजाना जमीन की सुरक्षा के लिए फील्ड इंस्पेक्शन कर रही हैं