Delhi: राजधानी दिल्ली में कूड़े के बड़े पहाड़ों को खत्म करने के लिए अपनाए गए मॉडल को Swachh Bharat Mission-Urban (SBM-U) कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया। 19 और 20 मई 2026 को हुई इस नेशनल रिव्यू कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की रणनीति
Delhi: राजधानी दिल्ली में कूड़े के बड़े पहाड़ों को खत्म करने के लिए अपनाए गए मॉडल को Swachh Bharat Mission-Urban (SBM-U) कॉन्फ्रेंस में दिखाया गया। 19 और 20 मई 2026 को हुई इस नेशनल रिव्यू कॉन्फ्रेंस में दिल्ली की रणनीति को खास तौर पर पेश किया गया। इस मीटिंग का मकसद अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच शहरी सफाई के नए तरीकों को साझा करना था।
दिल्ली ने कूड़े के पहाड़ों को कैसे साफ किया?
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री Ashish Sood ने बताया कि अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच रिकॉर्ड रफ्तार से काम हुआ और 7.4 मिलियन टन पुराना कूड़ा (legacy waste) हटाया गया। यह पूरा काम LG Taranjit Singh Sandhu के मार्गदर्शन में बायो-माइनिंग और बायो-रेमेडिएशन मॉडल के जरिए किया गया। जुलाई 2022 में ड्रोन की मदद से कूड़े के ढेरों की सटीक माप ली गई थी ताकि सफाई का सही प्लान बनाया जा सके।
नए नियम और आने वाले प्रोजेक्ट्स क्या हैं?
सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से Solid Waste Management (SWM) के नए नियम लागू कर दिए हैं। अब कूड़े को चार अलग-अलग हिस्सों (गीला, सूखा, सैनिटरी और घरेलू खतरनाक कचरा) में बांटना जरूरी होगा। इसके अलावा, दिल्ली में 2 अक्टूबर 2026 तक पांच नए Integrated fresh waste processing प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कॉन्फ्रेंस में और क्या खास बातें रहीं?
केंद्रीय मंत्री Manohar Lal ने कहा कि सफाई के लक्ष्यों को 10 महीने के भीतर पूरा करना होगा और इसके लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। वहीं तेलंगाना के डिप्टी सीएम Bhatti Vikramarka ने बताया कि उनके राज्य में कचरा उठाने के लिए करीब 9,600 इलेक्ट्रिक गाड़ियां तैनात की गई हैं। केंद्र सरकार का Dumpsite Remediation Accelerator Programme (DRAP) सितंबर 2026 तक देशभर से 8.8 करोड़ मीट्रिक टन कचरा साफ करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में अब तक कितना पुराना कूड़ा हटाया गया है?
दिल्ली के बायो-माइनिंग प्रोजेक्ट के तहत अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच रिकॉर्ड 7.4 मिलियन टन पुराना कचरा साफ किया गया है।
SWM Rules 2026 के तहत कूड़ा अलग करने का नया नियम क्या है?
नए नियमों के मुताबिक अब कचरे को 4 स्ट्रीम में बांटना होगा, जिसमें गीला, सूखा, सैनिटरी और घरेलू खतरनाक कचरा शामिल है।