Delhi: दिल्ली के घरों के अंदर की हवा सेहत के लिए खतरनाक हो रही है। DTU और IIT-Delhi की एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि घर का किचन सबसे ज्यादा प्रदूषित हिस्सा बन गया है। यह रिसर्च नॉर्थ दिल्ली के GTB नगर इलाके में क
Delhi: दिल्ली के घरों के अंदर की हवा सेहत के लिए खतरनाक हो रही है। DTU और IIT-Delhi की एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि घर का किचन सबसे ज्यादा प्रदूषित हिस्सा बन गया है। यह रिसर्च नॉर्थ दिल्ली के GTB नगर इलाके में की गई, जिसमें अलग-अलग आय वर्ग के परिवारों को शामिल किया गया।
किचन में प्रदूषण का स्तर कितना ज्यादा है?
स्टडी के मुताबिक, किचन में PM2.5 का लेवल 60-100 µg/m³ और PM10 का लेवल 115-145 µg/m³ तक पाया गया। सर्दियों के मौसम में यह स्थिति और खराब हो जाती है, जहां PM10 का स्तर करीब 250 µg/m³ तक पहुंच गया। जिन किचन में वेंटिलेशन की कमी है, वहां PM10 की मात्रा 247 µg/m³ और PM2.5 की मात्रा 200 µg/m³ तक दर्ज की गई।
प्रदूषण बढ़ने की मुख्य वजह क्या हैं?
रिसर्च में पाया गया कि खाना बनाने के दौरान, खासकर नाश्ते और रात के खाने के समय प्रदूषण एकदम से बढ़ जाता है। किचन में एग्जॉस्ट सिस्टम न होना, खिड़कियों की कमी और लंबे समय तक खाना पकाना इसकी बड़ी वजहें हैं। इसके अलावा धूपबत्ती जलाना, घर की डस्टिंग और सर्दियों में वेंटिलेशन कम रखना भी हवा को खराब करता है।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा और क्या है असर?
इस प्रदूषण का सबसे बुरा असर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है क्योंकि वे घर के अंदर ज्यादा समय बिताते हैं। स्टडी में यह भी देखा गया कि कम आय वाले परिवारों में प्रदूषण तेजी से फैलता है। इसका कारण छोटे घर, अलग किचन का न होना और हवा आने-जाने के रास्तों की कमी है। यह पूरी रिसर्च ‘Particulate Science and Technology’ जर्नल में प्रकाशित हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के किचन में प्रदूषण का स्तर कितना पाया गया?
स्टडी के अनुसार किचन में PM2.5 का स्तर 60-100 µg/m³ और PM10 का स्तर 115-145 µg/m³ मिला। सर्दियों में PM10 का स्तर 250 µg/m³ तक बढ़ गया।
किचन में हवा खराब होने के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारणों में खराब वेंटिलेशन, एग्जॉस्ट सिस्टम की कमी, लंबे समय तक खाना पकाना और धूपबत्ती जलाना शामिल है।