Delhi में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, 12 अगस्त तक भारी वाहनों की नो एंट्री

Delhi: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कांवड़ यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा डायवर्जन प्लान तैयार किया है। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को मैनेज करन

Delhi: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में कांवड़ यात्रा को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा डायवर्जन प्लान तैयार किया है। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को मैनेज करने के लिए कई रास्तों पर पाबंदियां लगाई गई हैं। दिल्ली पुलिस के साथ गाजियाबाद, मेरठ और उत्तराखंड प्रशासन मिलकर इस व्यवस्था को लागू कर रहे हैं।

ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, 29 जुलाई से ही गाजियाबाद और मेरठ के कुछ हिस्सों में भारी वाहनों की एंट्री बंद कर दी गई थी। 30 जुलाई से दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा कैनाल रोड पर भारी वाहनों पर रोक रहेगी, जबकि 4 अगस्त से 12 अगस्त तक इन रास्तों पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के यूपी वाले हिस्से को 7 से 12 अगस्त तक आम ट्रैफिक के लिए बंद रखा जाएगा और एक लेन सिर्फ कांवड़ियों के लिए होगी।

दिल्ली के कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है जिससे आम जनता को परेशानी हो सकती है। इसमें वजीराबाद रोड, जीटी रोड, लोनी रोड, एनएच-24, कालिंदी कुंज रोड, मथुरा रोड, रिंग रोड और धौला कुआं जैसे इलाके शामिल हैं। ऑटो रिक्शा सेवा भी सीमपुरी बॉर्डर से लाल कुआं रूट पर बंद रहेगी। बसों को यूपी गेट (गाजीपुर) के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। जो लोग मेरठ, मुजफ्फरनगर या हरिद्वार जाना चाहते हैं, उन्हें ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-9 का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन व्यवस्था में भी बदलाव किए गए हैं।

सेवा बदलाव/सुविधा
नमो भारत ट्रेन 30 जुलाई से 14 अगस्त तक 52 अतिरिक्त फेरे, ट्रेन हर 8 मिनट में मिलेगी
Northern Railway दिल्ली-सहारनपुर MEMU और दिल्ली-शामली DEMU का विस्तार हरिद्वार तक
स्पेशल ट्रेनें हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा और ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा स्पेशल ट्रेनें चलेंगी
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पैदल कांवड़ियों और डाक कांवड़ के लिए प्रतिबंधित (सिर्फ तेज रफ्तार ट्रैफिक के लिए)

उत्तराखंड जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए नियम कड़े किए गए हैं। अब सभी यात्रियों को सरकारी फोटो आईडी कार्ड साथ रखना होगा। साथ ही बड़े त्रिशूल या किसी भी तरह के धारदार हथियार ले जाने पर रोक लगाई गई है। ट्रैफिक की निगरानी के लिए सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है और रास्ते में अस्थाई पुलिस स्टेशन बनाए गए हैं। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं के लिए ग्रीन कॉरिडोर की सुविधा रहेगी।