Delhi के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन तेज, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, अभिजीत दीपके की बहन ने राष्ट्रपति से मांगी सुरक्षा
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। इस विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन एक बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। इस विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे Abhijeet Deepke की तबीयत खराब होने और उनकी सुरक्षा को लेकर उनकी बहन ने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है।
प्रदर्शनकारी नेता Abhijeet Deepke को टाइफाइड हुआ है, जिसकी पुष्टि डॉक्टरी जांच में हुई है। उन्होंने वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें तेज बुखार और कमजोरी है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि बीमारी की वजह से आंदोलन नहीं रुकेगा। वह 20 जून 2026 से लगातार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच, उनकी बहन Sneha Vanjare ने 25 जुलाई 2026 को बीड के जिला मजिस्ट्रेट के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनके भाई की जान को खतरा है और उन्हें महाराष्ट्र पुलिस की विशेष सुरक्षा दी जाए, क्योंकि उन्हें दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर भरोसा नहीं है।
दूसरी तरफ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने 25 जुलाई 2026 को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने NEET-UG 2026 परीक्षा में हुई गड़बड़ियों का जिक्र किया और कहा कि वह नहीं चाहते कि देशद्रोही तत्व इस स्थिति का फायदा उठाएं। उनके इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों ने जश्न मनाया, हालांकि Cockroach Janata Party (CJP) का कहना है कि उनकी अभी दो मांगें बाकी हैं।
सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर इलाके को किले में बदल दिया है। यहां 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं और FRS कैमरों से नजर रखी जा रही है। बैरिकेड्स को वेल्डिंग कर मजबूत किया गया है ताकि उन्हें हटाया न जा सके। गृह मंत्री Amit Shah के साथ बैठक के बाद 18 DCP तैनात किए गए हैं और भर्ती परीक्षा माफिया को पकड़ने के लिए एक स्पेशल STF का गठन किया गया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस आंदोलन के दौरान अब तक 15 FIR दर्ज हुई हैं, जिसमें 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल हुए हैं। कर्तव्य पथ थाने की एक FIR में 20 जुलाई को हुई हिंसा में हत्या की साजिश का भी जिक्र है। वहीं, CJP ने संकेत दिया है कि सरकार छात्रों के मुआवजे और केस वापस लेने पर सकारात्मक सोच रही है, लेकिन उनका जोर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर था, जो अब पूरा हो गया है।