Delhi के जंतर-मंतर पर तीन बड़े विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने लगाया लाठीचार्ज, धारा 144 लागू

Delhi: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई 2026 को राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना रहा। यहाँ एक साथ तीन अलग-अलग समूहों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में काफी तनाव

Delhi: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई 2026 को राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना रहा। यहाँ एक साथ तीन अलग-अलग समूहों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में काफी तनाव देखा गया। सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने पूरे न्यू दिल्ली जिले में धारा 144 (अब BNSS की धारा 163) लागू कर दी थी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

सबसे ज्यादा गहमागहमी Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन के दौरान रही। यह युवाओं का एक समूह है जो NEET पेपर लीक और CBSE की मार्किंग में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जब भीड़ जंतर-मंतर से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगी, तो पुलिस और RPF के जवानों ने उन्हें रोका, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी और पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ढाई दिन की भूख हड़ताल खत्म की, जबकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इसी के साथ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता भी जंतर-मंतर पहुंचे। इनका मुख्य मुद्दा जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाना था। उमर अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर काफी समय दिया जा चुका है और अब वे अपने हक के लिए दिल्ली में बैठे हैं।

तीसरी तरफ, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में ‘देश बचाओ मोर्चा’ और भारतीय किसान यूनियन ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किया। किसानों का मानना है कि इस डील से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा को खतरा होगा। चढ़ूनी ने घोषणा की कि 21 जुलाई को किसान घाट पर एक बड़ी ‘किसान महापंचायत’ होगी, जहाँ इस ट्रेड डील के खिलाफ आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इन प्रदर्शनों की वजह से दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी। जनपथ, पटेल चौक और राजीव चौक जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के कुछ एग्जिट गेट बंद रखे गए थे ताकि सुरक्षा बनी रहे। न्यू दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने साफ किया कि CJP को संसद मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। फिलहाल प्रशासन और CJP के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं।