Delhi के जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म होने के दावों पर पुलिस का बयान, 20 जुलाई के मार्च की अनुमति नहीं

Delhi: जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि यह 19 जुलाई की शाम 7 बजे तक खत्म हो जाएगा। इस दावे पर दिल्ली पुलिस ने अपना बयान जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, सोमवार को प्रस्तावित सं

Delhi: जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि यह 19 जुलाई की शाम 7 बजे तक खत्म हो जाएगा। इस दावे पर दिल्ली पुलिस ने अपना बयान जारी किया है। वहीं दूसरी ओर, सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और साफ कर दिया है कि बिना अनुमति किसी भी भीड़ को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने की कोई अनुमति नहीं मिली है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू है, जिसके तहत चार या उससे ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना मना है। अगर कोई इस नियम को तोड़ता है या अनधिकृत रैली निकालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस पूरे विरोध प्रदर्शन को अवैध बताया है क्योंकि आयोजकों को मिली शुरुआती अनुमति केवल एक दिन की थी।

इस आंदोलन के दौरान मुख्य कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद 18 जुलाई को उन्हें पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने इस कार्रवाई और कथित अवैध हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। कोर्ट ने अस्पताल से वांगचुक की सेहत पर रिपोर्ट मांगी है और अगली सुनवाई 24 जुलाई को तय की है। अस्पताल के अनुसार वांगचुक होश में हैं लेकिन उपवास की वजह से काफी कमजोर हो गए हैं।

पिछले 24 घंटों में स्थिति और तनावपूर्ण रही है। रविवार सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ गई। CJP ने आरोप लगाया कि पुलिस और भाजपा के समर्थक वहां कार्रवाई की तैयारी कर रहे थे, जिसके सबूत के तौर पर उन्होंने आंसू गैस गन और वाटर कैनन की तस्वीरें भी साझा की हैं। पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक जगह खाली करने की अपील की थी, लेकिन CJP अभी भी अपने ‘संसद चलो’ के आह्वान पर अड़ी हुई है।