Delhi के Jantar Mantar से हटे प्रदर्शनकारी, Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद 36 दिन बाद खत्म हुआ आंदोलन

Delhi: राजधानी दिल्ली के Jantar Mantar पर पिछले 36 दिनों से चल रहा प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में जुटे हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी अपना सामान समेटकर घर लौट रहे हैं। यह फैसला केंद्

Delhi: राजधानी दिल्ली के Jantar Mantar पर पिछले 36 दिनों से चल रहा प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में जुटे हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी अपना सामान समेटकर घर लौट रहे हैं। यह फैसला केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे के बाद लिया गया है।

यह आंदोलन 20 जून 2026 को शुरू हुआ था और 25 जुलाई 2026 को समाप्त हुआ। केंद्र सरकार और CJP के बीच बातचीत के तीसरे दौर के बाद प्रदर्शन वापस लेने का फैसला हुआ। सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR वापस लेने और NEET उम्मीदवारों के परिवारों को मुआवजा देने पर चर्चा करने की सहमति जताई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री J.P. Nadda ने पुष्टि की है कि FIR हटाने और मुआवजे की राशि तय करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने अपने पत्र में राष्ट्रीय एकता के हित में यह फैसला लेने की बात कही है। अब Pralhad Joshi को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। CJP प्रवक्ता Saurav Das ने बताया कि उनकी मुख्य मांगें मान ली गई हैं और अगले महीने नए शिक्षा मंत्री Pralhad Joshi के साथ एक बैठक होगी जिसमें पांच सूत्रीय सुधार चार्टर पर चर्चा की जाएगी।

इस जीत पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं। NCP (SP) अध्यक्ष Sharad Pawar और अभिनेत्री Shabana Azmi ने इसे युवाओं और लोकतंत्र की जीत बताया है। वहीं, शिवसेना (UBT) नेता Aaditya Thackeray ने पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही मांगी है। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल पर रहे एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने साफ किया कि उन्होंने सरकार के साथ कोई सौदा नहीं किया है।

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान फैली एक अफवाह का खंडन करते हुए बताया कि 20 जुलाई को किसी प्रदर्शनकारी की मौत नहीं हुई थी और वह व्यक्ति सुरक्षित है। इस बीच, मुंबई में भी इस जीत का जश्न मनाया गया, जहां लोगों ने शिक्षा सुधारों और छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग की।