Delhi के जंतर मंतर विरोध प्रदर्शन के बाद 20 से ज्यादा लोग हिरासत में, बाद में छोड़े गए
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। यह पूरा मामला Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित ‘संसद च
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। यह पूरा मामला Cockroach Janta Party (CJP) द्वारा आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च से जुड़ा है, जिसमें NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया था।
घटनाक्रम की बात करें तो 20 जुलाई को जब प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद मंडी हाउस, पटेल चौक और जनपथ जैसे इलाकों से करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया। इस हिंसा में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह की अनावश्यक हिंसा से इनकार करते हुए कहा कि स्थिति को पेशेवर तरीके से संभाला गया।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इस बीच, एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म कर दी है, क्योंकि उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई। सरकार ने कहा है कि वह छात्रों से बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।
दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत निवारक हिरासत की शक्तियां दी हैं। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसका मौजूदा CJP विरोध प्रदर्शनों से कोई सीधा संबंध नहीं है। फिलहाल जंतर मंतर पर भीड़ बढ़ रही है और CJP ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।