Delhi के जंतर-मंतर पर Gen Z का प्रदर्शन, NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर उतरे हजारों छात्र
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों युवाओं का एक नया आंदोलन चल रहा है। इसे ‘Cockroach movement’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें Gen Z यानी नई पीढ़ी के हजारों छात्र अपनी शिक्षा व्यवस्था और भ
Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर इन दिनों युवाओं का एक नया आंदोलन चल रहा है। इसे ‘Cockroach movement’ के नाम से जाना जा रहा है, जिसमें Gen Z यानी नई पीढ़ी के हजारों छात्र अपनी शिक्षा व्यवस्था और भविष्य को लेकर सड़कों पर उतरे हैं। यह प्रदर्शन किसी बड़े राजनीतिक दल के नेतृत्व में नहीं, बल्कि युवाओं की अपनी सोच और डिजिटल कैंपेन के जरिए आगे बढ़ रहा है।
इस आंदोलन की शुरुआत 6 जून 2026 को Abhijeet Dipke द्वारा बनाई गई ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) ने की थी। प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से 2026 के NEET पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। छात्रों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan अपने पद से इस्तीफा दें और सार्वजनिक परीक्षाओं के आयोजन के तरीके में बड़े सुधार किए जाएं। इस मुहिम को SFI और AISF जैसे छात्र संगठनों का भी समर्थन मिला है।
आंदोलन तब और तेज हो गया जब 28 जून को एक्टिविस्ट Sonam Wangchuk ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की। 20 जुलाई को जब हजारों छात्र संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए Section 163 के तहत पाबंदी लगाई। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। सुरक्षा कारणों से गृह मंत्रालय ने 23 जुलाई तक जंतर-मंतर के आसपास के इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद रखी थीं।
सरकार की तरफ से इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 23 जुलाई को छात्रों की चिंताओं को स्वीकार किया। उन्होंने पेपर लीक से हुए नुकसान को गलत बताया और दोषियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का भरोसा दिया। सरकार ने यह लिखित आश्वासन भी दिया कि अहिंसक प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर केस वापस लिए जाएंगे और परीक्षा के दबाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे पर विचार किया जाएगा। इन आश्वासनों के बाद Sonam Wangchuk ने अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म की।
हालांकि, Cockroach Janta Party ने सरकार के साथ बातचीत के लिए भाजपा कार्यालय या अध्यक्ष के निवास के बजाय किसी तटस्थ जगह पर मिलने की शर्त रखी है। फिलहाल CJP ने देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है और दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पेपर लीक से जुड़े आपराधिक मामलों के लिए एक विशेष कोर्ट नामित किया है।