Delhi के Jantar Mantar पर CJP का प्रदर्शन जारी, देशभर से पहुँच रहा खाना और दवाइयाँ
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। NEET पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्
Delhi: राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। NEET पेपर लीक और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इस आंदोलन को अब देशभर से समर्थन मिल रहा है, जहाँ प्रदर्शनकारियों के लिए ऑनलाइन माध्यमों से खाना और दवाइयाँ भेजी जा रही हैं।
प्रदर्शन स्थल पर माहौल काफी सक्रिय है। छात्रों ने प्रदर्शनकारियों की सेवा के लिए गोलगप्पे का ठेला लगाया है, जबकि डिलीवरी राइडर्स बैरिकेड्स पार कर पैकेट पहुँचा रहे हैं। स्वयंसेवक मौके पर भोजन और दवाओं के वितरण का काम संभाल रहे हैं और प्रदर्शन स्थल की सफाई और शांति बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन 6 जून 2026 से लगातार चल रहा है।
सुरक्षा के मद्देनजर गुरुवार, 23 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने कड़े इंतजाम किए थे। सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल സെക്രട്ടेरिएट समेत 16 दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद रखे गए, हालांकि इंटरचेंज की सुविधा चालू रही। आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने मेट्रो स्टेशन बंद करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की और कहा कि सरकार युवाओं से बात करने के बजाय दिल्ली के आवागमन में बाधा डाल रही है।
CJP के संस्थापक अभिजीत डिपके ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के बाहर एक पुरानी और खराब कार खड़ी की है और इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया है ताकि प्रदर्शनकारियों का संपर्क टूट जाए। डिपके ने यह भी साफ किया कि वे पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और सरकार के साथ कोई भी बातचीत अब सिर्फ जंतर मंतर पर ही होगी।
हाल ही में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए कई प्रदर्शनकारी 22 जुलाई को वापस जंतर मंतर पहुँच गए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने और बिना वर्दी के पुलिसकर्मियों द्वारा बल प्रयोग के वीडियो वायरल होने के बाद, दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी किया है कि जंतर मंतर पर तैनात सभी कर्मचारी अब वर्दी में ही रहेंगे।
नियमों के मुताबिक, जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से सात दिन पहले लिखित अनुमति लेना जरूरी होता है और यहाँ अधिकतम 1,000 लोगों के जमा होने की सीमा तय है। नियमों का उल्लंघन करने पर इसे गैरकानूनी सभा माना जा सकता है। इस आंदोलन में सोनम वांगचुक ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिन्हें 20 जुलाई को जबरन अस्पताल ले जाया गया।