Delhi: जनकपुरी के एसएस मोटा सिंह सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में एक 3 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DOE) ने कड़ा रुख अपनाया है और स्कूल की मान्यता रद्द करने की
Delhi: जनकपुरी के एसएस मोटा सिंह सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल में एक 3 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद दिल्ली शिक्षा निदेशालय (DOE) ने कड़ा रुख अपनाया है और स्कूल की मान्यता रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन जवाब न मिलने पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में सुरक्षा की क्या कमियां मिलीं
शिक्षा निदेशालय की शुरुआती जांच में स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था बहुत खराब पाई गई है। जांच में पता चला कि स्कूल के कई जरूरी और संवेदनशील हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि स्कूल बिना किसी अनुमति के मुख्य कैंपस से करीब एक किलोमीटर दूर एक अलग प्राइवेट बिल्डिंग में नर्सरी की क्लासें चला रहा था।
क्या होगी स्कूल पर कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने स्कूल को 11 मई, 2026 तक नोटिस का जवाब देने को कहा था। स्कूल की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद अब दिल्ली सरकार इस प्राइवेट स्कूल का अधिग्रहण कर सकती है। दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम और नियम (DSEAR) के तहत स्कूल की मान्यता खत्म की जा सकती है या इसका पूरा मैनेजमेंट सरकार अपने हाथ में ले सकती है।
अब तक का पूरा मामला क्या है
कथित छेड़छाड़ की यह घटना 30 अप्रैल, 2026 को हुई थी, जिसकी शिकायत बच्ची की मां ने 1 मई को पुलिस से की थी। इस मामले में स्कूल के केयरटेकर को गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में जमानत मिल गई। साथ ही एक महिला टीचर पर भी आरोप है कि वह बच्ची को बेसमेंट में ले गई थी। दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
एसएस मोटा सिंह स्कूल के खिलाफ कार्रवाई क्यों हो रही है?
नर्सरी छात्रा से छेड़छाड़ की घटना, सुरक्षा नियमों की अनदेखी, सीसीटीवी कैमरों की कमी और बिना अनुमति अलग परिसर में क्लास चलाने के कारण कार्रवाई हो रही है।
शिक्षा निदेशालय ने स्कूल को क्या चेतावनी दी है?
DOE ने चेतावनी दी है कि यदि नोटिस का सही जवाब नहीं मिला, तो दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम (DSEAR) के तहत स्कूल की मान्यता रद्द की जाएगी या प्रबंधन सरकार अपने हाथ में ले लेगी।