Delhi के जनकपुरी स्कूल केस में आरोपी की जमानत रद्द, 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न का था मामला
Delhi: जनकपुरी के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी केयरटेकर ललित कुमार की जमानत रद्द कर दी है। अब आरोपी को 1 जुलाई 2026
Delhi: जनकपुरी के एक प्राइवेट स्कूल में तीन साल की बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी केयरटेकर ललित कुमार की जमानत रद्द कर दी है। अब आरोपी को 1 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे तक पॉक्सो कोर्ट में सरेंडर करना होगा।
यह पूरा मामला 30 अप्रैल 2026 का है, जब बच्ची को स्कूल में दाखिल कराए हुए सिर्फ दूसरा दिन था। बच्ची की मां ने 1 मई 2026 को जनकपुरी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीर बताया और हाई कोर्ट में अपील की कि आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि पीड़िता ने उसकी पहचान की है।
ललित कुमार, जिसकी उम्र 57 साल है, उसे 7 मई 2026 को निचली अदालत ने गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद जमानत दे दी थी। इसी जमानत को दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इस केस में एक महिला टीचर को भी गिरफ्तार किया गया था, क्योंकि उन पर घटना की जानकारी छिपाने का आरोप है। पुलिस ने टीचर की जमानत को भी हाई कोर्ट में चुनौती दी है।
पीड़िता की मां का आरोप है कि आरोपी के बेटे द्वारा उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। वहीं, शिक्षा निदेशालय (DoE) ने स्कूल मैनेजमेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निदेशालय ने कहा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और देखरेख के नियमों में बड़ी लापरवाही हुई है। दिल्ली सरकार अब इस स्कूल का मैनेजमेंट अपने हाथ में लेने पर विचार कर रही है।
इस घटना के बाद स्कूल के बाहर कई अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। लोगों ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी इस मामले और आरोपी को जल्दी मिली जमानत पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी।