Delhi: राजधानी के Janakpuri इलाके के लोग पिछले कई महीनों से पानी की भारी किल्लत और गंदगी से जूझ रहे हैं। यहां के नलों से आने वाले पानी से इतनी तेज बदबू आ रही है कि लोग इसे सीवेज का पानी बता रहे हैं। हालत यह है कि परिवारो
Delhi: राजधानी के Janakpuri इलाके के लोग पिछले कई महीनों से पानी की भारी किल्लत और गंदगी से जूझ रहे हैं। यहां के नलों से आने वाले पानी से इतनी तेज बदबू आ रही है कि लोग इसे सीवेज का पानी बता रहे हैं। हालत यह है कि परिवारों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महंगे बोतलबंद पानी पर निर्भर होना पड़ रहा है।
पानी की समस्या और लोगों की सेहत पर असर
Janakpuri के निवासी पिछले पांच महीनों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं। गंदा पानी पीने और इस्तेमाल करने से लोगों में पेट का संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ गई हैं। 68 साल के डॉ. सुरंजित दत्ता ने इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी बताया है। वहीं 62 साल के राजीव पासी ने कहा कि उन्होंने MLA, पार्षद और Delhi Jal Board (DJB) से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
CPCB की रिपोर्ट और NGT की सख्ती
Central Pollution Control Board (CPCB) ने जब पानी के सैंपल लिए, तो उनमें E. coli और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले, जो कि पीने के पानी के मानकों के खिलाफ है। National Green Tribunal (NGT) ने मई 2025 में DJB को फटकार लगाते हुए कहा था कि विभाग इस मामले को बहुत हल्के में ले रहा है। RWA ने आरोप लगाया कि DJB ने पाइपलाइन बदलने के झूठे दावे किए, जबकि लैब रिपोर्ट में पानी अब भी प्रदूषित पाया गया।
Delhi Jal Board का क्या है कहना
DJB के अधिकारियों ने माना है कि BE Block में सीवर लाइन की समस्या की वजह से पानी गंदा हो रहा है। विभाग ने NGT को बताया कि Janakpuri के A Block में सीवर लाइन बदलने का काम चल रहा है। DJB ने दावा किया कि 1,140 मीटर के कुल काम में से बचा हुआ हिस्सा 30 अप्रैल 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Janakpuri में पानी की समस्या का मुख्य कारण क्या है?
Delhi Jal Board के अनुसार, BE Block में सीवर लाइन के सेटल होने और ओवरफ्लो होने की वजह से पीने के पानी की लाइनों में गंदा पानी मिल रहा है।
पानी की शुद्धता को लेकर CPCB की रिपोर्ट में क्या पाया गया?
CPCB ने पाया कि Janakpuri के पानी के सैंपल्स में E. coli और फेकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मौजूद हैं, जो BIS के मानकों के अनुसार पीने के पानी में बिल्कुल नहीं होने चाहिए।