Delhi: राजधानी के जामिया नगर इलाके में एक 23 साल की दलित महिला के साथ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुद संज्ञान लिया
Delhi: राजधानी के जामिया नगर इलाके में एक 23 साल की दलित महिला के साथ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने कड़ा रुख अपनाते हुए खुद संज्ञान लिया है। आयोग ने इस पूरे मामले को बहुत गंभीर माना है और दिल्ली पुलिस से जल्द से जल्द कार्रवाई करने को कहा है।
क्या है पूरा मामला और पीड़िता के आरोप
पीड़िता ने 14 मई 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि साल 2021 से 2025 के बीच उसे लगातार यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मुख्य आरोपी फहीम ने सोशल मीडिया पर साहिल नाम का फर्जी प्रोफाइल बनाकर उससे दोस्ती की थी और शादी का वादा किया था। बाद में उसे धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया और प्रताड़ित किया गया।
आरोपियों पर क्या कार्रवाई हुई और कौन हैं गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 366, 376, 506, 342 और 120बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी फहीम की मां तस्लीम, पिता खुर्शीद, भाई जैद और एक मौलवी मोहम्मद खालिद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी फहीम पहले से ही किसी दूसरे मामले में गाजियाबाद की डासना जेल में बंद है, जिसे अब जांच के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।
NCW ने दिल्ली पुलिस को क्या निर्देश दिए
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) मांगी है। आयोग ने साफ कहा है कि जाति आधारित हिंसा और जबरन धार्मिक उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। NCW ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़िता की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस मामले में मुख्य आरोपी कौन है और उसने कैसे जाल बिछाया
मुख्य आरोपी फहीम है, जिसने सोशल मीडिया पर साहिल नाम का इस्तेमाल कर पीड़िता से दोस्ती की और शादी का वादा कर उसे अपने जाल में फंसाया।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस से क्या मांगा है
NCW ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए दिल्ली पुलिस से सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) जमा करने को कहा है।