Delhi की जेलों में वसूली का बड़ा खेल, Tihar और Rohini जेल के स्टाफ समेत 11 गिरफ्तार
Delhi: दिल्ली की तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों के अंदर चल रहे एक बड़े वसूली रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस और एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) की जांच में सामने आया है कि जेल के कर्मचारी नए कैदियों को डरा-धमकाकर उनसे पै
Delhi: दिल्ली की तिहाड़, रोहिणी और मंडोली जेलों के अंदर चल रहे एक बड़े वसूली रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस और एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) की जांच में सामने आया है कि जेल के कर्मचारी नए कैदियों को डरा-धमकाकर उनसे पैसे वसूल रहे थे। इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें जेल के अधिकारी और कुछ बाहरी लोग शामिल हैं।
जांच में पता चला कि जेल स्टाफ खतरनाक अपराधियों के साथ मिलकर यह पूरा खेल चला रहा था। नए आने वाले कैदियों को डराया जाता था कि उन्हें हिंसक बैरक में भेज दिया जाएगा या उनसे कठिन मजदूरी कराई जाएगी। जब कैदी डर जाते थे, तब वार्डर उन्हें ‘सुरक्षा’ और ‘अच्छी सुविधा’ देने के बदले पैसों की मांग करते थे। यह दबाव इतना ज्यादा था कि कैदी और उनके परिवार मानसिक तनाव में आ जाते थे।
पैसे लेने का तरीका भी बहुत शातिर था। वार्डर कैदियों के परिवारों से कहते थे कि वे UPI के जरिए पैसा ट्रांसफर करें। यह पैसा अक्सर किसी अन्य विचाराधीन कैदी के रिश्तेदार या पड़ोसी के बैंक अकाउंट में भेजा जाता था ताकि पुलिस को पता न चले। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में करीब 200 लोगों से पूछताछ की है, जिनमें 150 कैदियों के परिवार वाले और कुछ पूर्व कैदी शामिल हैं।
ACB चीफ विक्रमजीत सिंह ने बताया कि इस रैकेट में जेल स्टाफ के साथ-साथ कुछ वकील और प्राइवेट लोग भी शामिल थे। गिरफ्तार होने वालों में रोहिणी जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट सुनील कुमार, हेड वार्डर योगेश, वार्डर जगबीर, वकील हरेंद्र बंसल और प्राइवेट व्यक्ति विप्लव खारी शामिल हैं। इसके अलावा तिहाड़ जेल के हेड वार्डर जोगेंद्र, वार्डर दिनेश दाबास, पंकज कुमार, रवि कुमार, वकील मनीष और आशीष राणा को भी पकड़ा गया है। गिरफ्तारियों के दौरान 1 लाख रुपये की रिश्वत की रकम भी बरामद हुई है।
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली की जेलों में ऐसी गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले अगस्त 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर CBI ने भी तिहाड़ जेल में अधिकारियों और कैदियों के बीच मिलीभगत की जांच की थी, जिसके बाद नौ जेल अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई थी।