Delhi: दिल्ली के द्वारका इलाके के एक नामी IVF सेंटर में बच्चों की अदला-बदली का मामला सामने आया है। गुरुग्राम की पुरी डिप्लोमेटिक ग्रीन्स सोसाइटी के रहने वाले राहुल और मीनू राठौर ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके जैविक बच्च
Delhi: दिल्ली के द्वारका इलाके के एक नामी IVF सेंटर में बच्चों की अदला-बदली का मामला सामने आया है। गुरुग्राम की पुरी डिप्लोमेटिक ग्रीन्स सोसाइटी के रहने वाले राहुल और मीनू राठौर ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके जैविक बच्चे नहीं दिए गए। जब कपल ने DNA टेस्ट करवाया तो रिपोर्ट में बच्चों का मिलान नहीं हुआ, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है।
क्या है पूरा मामला और अब तक क्या हुआ
पीड़ित कपल ने आरोप लगाया कि उन्होंने द्वारका के SCI IVF सेंटर से इलाज कराया था। शक होने पर जब DNA टेस्ट कराया गया, तो पता चला कि बच्चे उनके नहीं हैं। कपल ने इस मामले में FIR दर्ज कराई थी, लेकिन उनका कहना है कि पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। वे अपने असली बच्चों से मिलने के लिए काफी परेशान हैं।
कोर्ट ने जांच के लिए क्या आदेश दिए
कपल की अपील के बाद कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया है और स्थानीय पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि IVF सेंटर के CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस, सर्वर लॉग और एम्ब्रियो लॉग समेत सभी रिकॉर्ड्स को तुरंत जब्त किया जाए। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो सके और सच सामने आ सके।
IVF सेंटर के लिए क्या हैं नियम और कानून
भारत में इन कामों के लिए Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 और Surrogacy (Regulation) Act, 2021 जैसे कानून बने हैं। इन नियमों के मुताबिक क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन और सहमति के कागजात होना जरूरी है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले एक मामले में बच्चों की अदला-बदली को जघन्य अपराध माना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पीड़ित कपल ने किस IVF सेंटर पर आरोप लगाया है
गुरुग्राम के राहुल और मीनू राठौर ने दिल्ली के द्वारका स्थित SCI IVF सेंटर पर बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया है।
कोर्ट ने इस मामले में क्या निर्देश दिए हैं
कोर्ट ने पुलिस को IVF सेंटर के CCTV फुटेज, सर्वर लॉग और एम्ब्रियो रिकॉर्ड्स को जब्त कर जांच करने का आदेश दिया है।