Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के युवाओं को रोजगार के बेहतर मौके देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 16 अप्रैल 2026 को उन्होंने आईटीआई (ITI) संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने की घोषणा
Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के युवाओं को रोजगार के बेहतर मौके देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 16 अप्रैल 2026 को उन्होंने आईटीआई (ITI) संस्थानों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने की घोषणा की। इस पहल के तहत तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाया जाएगा ताकि छात्र सीधे इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकें।
किन आईटीआई में कौन सी नई लैब बनेंगी?
सरकार ने चार प्रमुख आईटीआई में अत्याधुनिक लैब स्थापित करने और पुरानी लैब को अपडेट करने का फैसला किया है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| संस्थान (ITI) |
नई सुविधा/लैब |
खासियत |
| जहांगीरपुरी |
पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब |
सोलर पीवी और स्मार्ट एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम |
| जेल रोड (हरि नगर) |
आधुनिक वेल्डर लैब |
वेल्डिंग सिमुलेटर और एमआईजी/टीआईजी वेल्डिंग |
| अरब की सराय |
ऑटोमोटिव वीआर लैब |
वर्चुअल रियलिटी के जरिए ड्राइविंग और पेंटिंग ट्रेनिंग |
| मयूर विहार (HJB) |
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) लैब |
बैटरी मैनेजमेंट और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर |
युवाओं और छात्रों को इससे क्या फायदा होगा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि ये आधुनिक लैब प्रशिक्षुओं को असली औद्योगिक काम करने का अनुभव देंगी। इससे छात्रों के लिए नौकरी और अपना काम शुरू करने (स्वरोजगार) के नए रास्ते खुलेंगे। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्किल इंडिया’ मिशन के अनुरूप है।
दिल्ली में तकनीकी शिक्षा का क्रेज भी बढ़ा है। 2025-26 के आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, तकनीकी शिक्षा विभाग में दाखिले 2019-20 के 8,394 से बढ़कर अब 19,773 हो गए हैं। इसके अलावा नरेला में एक नया शिक्षा हब भी तैयार किया जा रहा है जिससे आने वाले समय में और अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा।