Delhi: इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने एक 66 साल के व्यक्ति की जान बचाकर कमाल कर दिखाया है। मरीज के शरीर में एक ऐसी समस्या थी जिसे ‘हिडन किलर’ कहा जाता है, जो उसके सीने और पेट के बीच फैल गया था। डॉ.
Delhi: इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने एक 66 साल के व्यक्ति की जान बचाकर कमाल कर दिखाया है। मरीज के शरीर में एक ऐसी समस्या थी जिसे ‘हिडन किलर’ कहा जाता है, जो उसके सीने और पेट के बीच फैल गया था। डॉ. प्रोफेसर एन.एन. खन्ना के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने समय रहते ऑपरेशन कर मरीज को मौत के मुंह से बाहर निकाला है।
क्या थी मरीज की हालत और बीमारी
मरीज को लंबे समय से किडनी की बीमारी थी और उसे लगातार खांसी और बुखार की शिकायत हो रही थी। जांच में पता चला कि उसके शरीर में थोरैको-एब्डोमिनल एन्यूरिज्म (thoraco-abdominal aneurysm) था। यह स्थिति एक फटने वाले गुब्बारे की तरह थी, जिससे उसके सीने में खून बह रहा था। इसे डॉक्टरों ने ‘टिकिंग टाइम बम’ जैसा बताया क्योंकि यह कभी भी जानलेवा साबित हो सकता था।
कैसे हुआ सफल इलाज
डॉ. प्रोफेसर एन.एन. खन्ना और उनकी टीम ने TEVAR (Thoracic Endovascular Aortic Repair) नाम की एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें बिना बड़ा चीरा लगाए इलाज किया जाता है। डॉ. खन्ना ने बताया कि किडनी फेल होने और अंदरूनी ब्लीडिंग की वजह से यह केस बहुत जोखिम भरा था और इसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं थी।
ऑपरेशन के बाद अब क्या है स्थिति
इलाज के बाद मरीज की सांस लेने की तकलीफ कम हो गई है और उसकी शारीरिक स्थिति अब स्थिर है। चूंकि मरीज को किडनी की समस्या है, इसलिए अब उसे डायलिसिस पर रखा गया है ताकि उसकी सेहत में सुधार हो सके। समय पर मिले इलाज की वजह से मरीज अब खतरे से बाहर है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
TEVAR प्रक्रिया क्या है?
TEVAR एक आधुनिक और कम चीरे वाली सर्जरी है जिसका उपयोग महाधमनी (aorta) की समस्याओं या उसके फटने (rupture) को ठीक करने के लिए किया जाता है।
मरीज की स्थिति में क्या जटिलताएं थीं?
मरीज को पहले से किडनी की बीमारी थी और उसके सीने और पेट के हिस्से में रक्त वाहिका फट चुकी थी, जिससे अंदरूनी ब्लीडिंग हो रही थी।