Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी का प्रकोप अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रहा बल्कि रातें भी जानलेवा होती जा रही हैं। 25 मई 2026 को शहर ने पिछले 14 सालों की सबसे गर्म रात का सामना किया। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट
Delhi : देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी का प्रकोप अब सिर्फ दिन तक सीमित नहीं रहा बल्कि रातें भी जानलेवा होती जा रही हैं। 25 मई 2026 को शहर ने पिछले 14 सालों की सबसे गर्म रात का सामना किया। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली अब रात के समय खुद को ठंडा करने की अपनी प्राकृतिक क्षमता खो रही है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
दिल्ली की रातों में तापमान क्यों बढ़ रहा है
CSE की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली का लगभग 76 प्रतिशत हिस्सा भीषण हीट-स्ट्रेस की चपेट में है। शहर की रातें ठंडी होने की क्षमता में 9 प्रतिशत की कमी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रहे निर्माण कार्यों की वजह से हरियाली कम हुई है और कंक्रीट के ढांचे बढ़ गए हैं। इस कारण दिन भर की गर्मी रात में बाहर नहीं निकल पाती और तापमान ऊंचा बना रहता है।
तापमान के आंकड़े और IMD का अलर्ट
25 मई 2026 को दिल्ली का न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.7 डिग्री अधिक था। इससे पहले मई महीने में ऐसा तापमान 26 मई 2012 को देखा गया था। इस दौरान IMD ने लू की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया था। अलग-अलग इलाकों की स्थिति इस प्रकार रही:
- पालम: 30.5 डिग्री सेल्सियस
- लोधी रोड: 30 डिग्री सेल्सियस
- रिज: 30.6 डिग्री सेल्सियस
- आयानगर: 32 डिग्री सेल्सियस
आम जनता पर असर और सरकार के कदम
CSE के प्रोग्राम डायरेक्टर रजनीश सरीन ने बताया कि रात की यह गर्मी गिग वर्कर, निर्माण मजदूर, खेती करने वाले और रेहड़ी-पटरी वालों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही है। गर्मी से बचने के लिए AC और कूलरों का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे बिजली की मांग 8,000 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। दिल्ली सरकार ने राहत के लिए मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट और कूलिंग ज़ोन बनाए हैं, जिनसे 6 से 23 मई के बीच करीब 2.65 लाख लोगों को मदद मिली है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में सबसे गर्म रात कब दर्ज की गई और तापमान क्या था
25 मई 2026 को दिल्ली में पिछले 14 वर्षों की सबसे गर्म रात दर्ज की गई, जब न्यूनतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.7 डिग्री अधिक था।
दिल्ली की रातें ठंडी क्यों नहीं हो पा रही हैं
CSE के अनुसार, बढ़ते कंक्रीट के निर्माण और घटती हरियाली की वजह से शहर की प्राकृतिक कूलिंग क्षमता कम हुई है, जिससे रात में गर्मी बाहर नहीं निकल पाती।