Delhi: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया 2024’ में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। देश के 53 बड़े शहरों में दिल्ली आत्महत्या के मामलों में सबसे ऊ
Delhi: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट ‘एक्सीडेंटल डेथ्स एंड सुसाइड्स इन इंडिया 2024’ में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। देश के 53 बड़े शहरों में दिल्ली आत्महत्या के मामलों में सबसे ऊपर रही है। यहां साल 2024 में कुल 2,905 लोगों ने अपनी जान दी। हालांकि, पिछले दो सालों के मुकाबले इस संख्या में 7% की कमी आई है।
दिल्ली में किन लोगों ने सबसे ज्यादा जान गंवाई?
रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में आत्महत्या करने वालों में पुरुषों की संख्या सबसे अधिक रही। कुल 2,905 मामलों में 2,078 पुरुष और 825 महिलाएं शामिल थीं। सबसे ज्यादा असर शादीशुदा लोगों पर दिखा, जिनमें 1,616 विवाहित व्यक्ति थे। इनमें 1,162 पुरुष और 454 महिलाएं थीं। आय के हिसाब से देखें तो कम कमाई वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जिनमें 1,362 लोगों की सालाना आय 1 लाख रुपये से कम थी।
आत्महत्या के मुख्य कारण और प्रभावित समूह क्या रहे?
NCRB के आंकड़ों के अनुसार पारिवारिक समस्याएं 675 मौतों का मुख्य कारण बनीं। इसके अलावा वैवाहिक विवादों की वजह से 258 और बेरोजगारी के कारण 236 लोगों ने आत्महत्या की। पेशे के आधार पर बेरोजगार (745), छात्र (378), दिहाड़ी मजदूर (343) और गृहिणियां (315) सबसे संवेदनशील समूह रहे। मानसिक बीमारी और आर्थिक तंगी भी बड़ी वजह बनकर उभरीं।
सरकारी कदम और अन्य शहरों की स्थिति क्या है?
संख्या के मामले में दिल्ली टॉप पर है, लेकिन प्रति लाख जनसंख्या के हिसाब से बेंगलुरु में आत्महत्या की दर 16.7 सबसे ज्यादा है, जबकि दिल्ली में यह 13.2 और मुंबई में 11 है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूलों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए पत्र लिखा है। सरकार टेली-मानस और मनोदर्पण जैसे प्रोग्राम चला रही है ताकि मानसिक स्वास्थ्य सहायता दी जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NCRB 2024 रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में कितनी आत्महत्याएं हुईं?
साल 2024 में दिल्ली में कुल 2,905 आत्महत्याएं दर्ज की गईं, जो देश के 53 बड़े शहरों में सबसे ज्यादा हैं। हालांकि, 2023 में यह संख्या 3,131 थी।
दिल्ली में आत्महत्या के सबसे मुख्य कारण क्या रहे?
सबसे मुख्य कारण पारिवारिक समस्याएं (675 मौतें), वैवाहिक विवाद (258 मौतें) और बेरोजगारी (236 मौतें) रहे।