Delhi: राजधानी के अलग-अलग इलाकों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों को लेकर Delhi High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि इन बाजारों को इस तरह नहीं चलने दिया जा सकता कि ये स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा क
Delhi: राजधानी के अलग-अलग इलाकों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों को लेकर Delhi High Court ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि इन बाजारों को इस तरह नहीं चलने दिया जा सकता कि ये स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा का खतरा बन जाएं। यह मामला पश्चिम दिल्ली के Uttam Nagar के एक बाजार से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया।
साप्ताहिक बाजारों के लिए कोर्ट ने क्या निर्देश दिए?
6 मई 2026 को जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि साप्ताहिक बाजारों को रेगुलेट करना जरूरी है। कोर्ट के मुताबिक, वेंडर्स की संख्या और उनके द्वारा घेरी गई जगह तय होनी चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो। कोर्ट ने Municipal Corporation of Delhi (MCD) से इस मामले में स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है।
दिल्ली सरकार और MCD की क्या है तैयारी?
सुनवाई के दौरान MCD ने कोर्ट को बताया कि Delhi Government शहर के सभी साप्ताहिक बाजारों के लिए एक विस्तृत प्लान तैयार कर रही है। इससे पहले अगस्त 2025 में Shalimar Bagh मार्केट के मामले में भी कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि बाजार बंद करने के बजाय उसे रेगुलेट किया जाए। उस समय केवल 300 अधिकृत वेंडर्स को शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक बाजार लगाने की अनुमति दी गई थी।
नियमों के मुताबिक कैसे चलने चाहिए ये बाजार?
साल 2009 के एक सर्कुलर के अनुसार, साप्ताहिक बाजार हफ्ते में केवल एक बार उस दिन लगने चाहिए जिस दिन इलाके के अन्य बाजार बंद रहते हैं। Uttam Nagar के निवासी वेद प्रकाश ने याचिका दायर कर कहा था कि बाजार की वजह से सड़कें पूरी तरह जाम हो जाती हैं और लोगों को भारी परेशानी होती है। इस केस की अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Uttam Nagar के साप्ताहिक बाजार पर कोर्ट का क्या फैसला है?
कोर्ट ने MCD से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि बाजार को रेगुलेट किया जाए ताकि यह निवासियों के लिए सुरक्षा का खतरा न बने। अगली सुनवाई 6 अगस्त 2026 को है।
साप्ताहिक बाजारों के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?
2009 के सर्कुलर के अनुसार बाजार हफ्ते में एक बार तब लगने चाहिए जब अन्य बाजार बंद हों। साथ ही, वेंडर्स की संख्या और समय (जैसे शाम 4 से 10 बजे) का पालन करना जरूरी है।