Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच जब वर्चुअल सुनवाई कर रही थी, तब किसी ने स्क्रीन शेयर करके अश्लील वीडियो चला दिए। इस हरकत
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच जब वर्चुअल सुनवाई कर रही थी, तब किसी ने स्क्रीन शेयर करके अश्लील वीडियो चला दिए। इस हरकत की वजह से कोर्ट की कार्यवाही में काफी बाधा आई और मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है।
क्या हुआ था वर्चुअल सुनवाई के दौरान
यह घटना 29 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 12:56 बजे हुई। एक अनजान यूजर ने अपनी स्क्रीन शेयर की और कई बार अश्लील वीडियो चलाए। इस दौरान स्क्रीन पर “You’ve been hacked” का मैसेज भी दिखा और एक ऑटोमैटिक आवाज सुनाई दी, जिसने मीटिंग को तुरंत बंद करने और दोबारा चालू न करने की धमकी दी। इस वजह से कोर्ट की कार्यवाही तीन बार रुकनी पड़ी और अंत में वर्चुअल सिस्टम को बंद करना पड़ा।
कौन हैं संदिग्ध और अब क्या होगी कार्रवाई
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो “श्रीधर सरनोबत” और “शितजीत सिंह” नाम के अकाउंट्स से चलाए गए। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने रजिस्ट्रार जनरल को इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कार्यवाही की रिकॉर्डिंग मना है और जो भी इसे रिकॉर्ड या शेयर करेगा, उस पर एक्शन लिया जाएगा। दिल्ली पुलिस की IFSO साइबर यूनिट अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
क्या पहले भी ऐसा कुछ हुआ है
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) चेतन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। दिसंबर 2024 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (मुंबई) और जुलाई 2025 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (कोलकाता) में भी इसी तरह के व्यवधान आए थे। ASG ने सुझाव दिया है कि IT एक्ट की धारा 69ए के तहत ऐसी सामग्री को इंटरनेट से तुरंत हटाया जाना चाहिए ताकि इसे और फैलने से रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली हाई कोर्ट में यह घटना कब और कैसे हुई
यह घटना 29 अप्रैल 2026 को दोपहर 12:56 बजे हुई। एक अज्ञात यूजर ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान स्क्रीन शेयर करके अश्लील वीडियो चलाए और हैकिंग की धमकी दी।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है
दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) साइबर यूनिट में दर्ज कराई है, जो अब इसकी जांच कर रही है।