Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को एक अजीब घटना हुई। चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच की वर्चुअल सुनवाई के दौरान तीन बार बाधा डाली गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही इस स
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को एक अजीब घटना हुई। चीफ जस्टिस देवेन्द्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच की वर्चुअल सुनवाई के दौरान तीन बार बाधा डाली गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रही इस सुनवाई में किसी ने स्क्रीन शेयरिंग का इस्तेमाल कर अश्लील और गलत कंटेंट चला दिया, जिससे कोर्ट की कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा।
क्या हुआ था वर्चुअल सुनवाई के दौरान
सुनवाई के बीच में अचानक स्क्रीन पर अश्लील सामग्री दिखने लगी। इस दौरान स्क्रीन पर एक मैसेज भी आया जिसमें लिखा था कि आप हैक हो गए हैं। साथ ही एक ऑटोमेटेड आवाज सुनाई दी जिसने दावा किया कि यह हैक अमेरिका से किया गया है और मीटिंग को तुरंत बंद करने की चेतावनी दी। इस गड़बड़ी की वजह से कोर्ट को सुनवाई कई बार रोकनी पड़ी और अंत में बंद करना पड़ा।
कौन थे इसमें शामिल और अब क्या कार्रवाई हो रही है
शुरुआती जांच में ‘Sridhar Sarnobat’ और ‘Shitjeet Sighn’ नाम के अकाउंट्स का नाम सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन ने इस सुरक्षा चूक को लेकर दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि यह सेंधमारी कैसे हुई और इसके पीछे कौन लोग थे।
भविष्य में सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे
इस घटना के बाद कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। अब कोर्ट प्रशासन एक्सेस कंट्रोल और सुरक्षा नियमों की समीक्षा करेगा। आने वाले समय में वर्चुअल सुनवाई के लिए सख्त ऑथेंटिकेशन प्रोटोकॉल लागू किए जा सकते हैं और स्क्रीन-शेयरिंग की अनुमति को सीमित किया जा सकता है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली हाई कोर्ट की सुनवाई में क्या गड़बड़ हुई?
29 अप्रैल 2026 को चीफ जस्टिस की वर्चुअल सुनवाई के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने स्क्रीन शेयरिंग के जरिए अश्लील कंटेंट चलाया और सिस्टम हैक होने का दावा किया।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की शिकायत दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट से की है और फिलहाल प्रारंभिक जांच जारी है।