Finance : दिल्ली हाई कोर्ट ने यूके में रह रहे हथियारों के सलाहकार Sanjay Bhandari की अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया है जिसमें भंडारी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (Fugiti
Finance : दिल्ली हाई कोर्ट ने यूके में रह रहे हथियारों के सलाहकार Sanjay Bhandari की अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया है जिसमें भंडारी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (Fugitive Economic Offender – FEO) घोषित किया गया था। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने यह आदेश 9 अप्रैल 2026 को सुनाया।
Sanjay Bhandari को FEO घोषित करने का क्या मतलब है?
Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के तहत किसी व्यक्ति को FEO तब माना जाता है जब उसने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक धोखाधड़ी की हो और वह कानून से बचने के लिए देश छोड़कर बाहर चला गया हो। इस टैग के बाद अब सरकार भंडारी की भारत और विदेश की संपत्तियों को जब्त कर सकती है। साथ ही, वह अब भारत में किसी भी सिविल केस को लड़ने या दावा करने का हक खो चुके हैं।
मामला क्या है और अब तक क्या हुआ?
Sanjay Bhandari पर मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी के गंभीर आरोप हैं। ED और इनकम टैक्स विभाग की जांच के बाद वह 2016 में लंदन चले गए थे। इस मामले की पूरी टाइमलाइन नीचे दी गई है:
| तारीख/साल |
क्या हुआ |
| 2016 |
इनकम टैक्स रेड के बाद भंडारी लंदन भागे |
| फरवरी 2017 |
ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया |
| 5 जुलाई 2025 |
ट्रायल कोर्ट ने उन्हें FEO घोषित किया |
| 21 अगस्त 2025 |
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा |
| 9 अप्रैल 2026 |
हाई कोर्ट ने अपील खारिज कर FEO टैग बरकरार रखा |
ED और भंडारी के वकीलों की दलीलें क्या थीं?
ED ने कोर्ट में कहा कि भंडारी ने जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए देश छोड़ा है और उन्होंने करीब 655 करोड़ रुपये की संपत्ति गलत तरीके से बनाई है। वहीं, भंडारी के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि लंदन की अदालत ने उन्हें भारत भेजने से मना किया है, इसलिए यह कार्रवाई जल्दबाजी में की गई है। हालांकि, कोर्ट ने माना कि विदेश में प्रत्यर्पण (extradition) न होना उन्हें भारतीय कानूनों से नहीं बचाता।