Delhi: जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी का मामला, सोमवार को सुनवाई करेगा हाई कोर्ट
Delhi: राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहे Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों की लगातार निगरानी कर र
Delhi: राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहे Cockroach Janta Party (CJP) के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों की लगातार निगरानी कर रही है। कोर्ट ने इस मामले को शुक्रवार को स्वीकार कर लिया और अब सोमवार, 20 जुलाई 2026 को इस पर सुनवाई होगी।
यह याचिका पूर्व JNUSU अध्यक्ष ऐशे घोष ने दायर की है, जिसमें केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को पार्टी बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर एक स्थाई निगरानी टावर लगाया है। आरोप है कि पुलिस वहां मौजूद लोगों की हर गतिविधि की फोटो और वीडियो बना रही है, जिसमें उनके खाने, आराम करने और इलाज कराने जैसे निजी काम भी शामिल हैं।
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों ने छात्र प्रदर्शनकारियों को डराया और कहा कि उनकी तस्वीरें उनके माता-पिता और शिक्षण संस्थानों को भेज दी जाएंगी। इसमें महिलाओं के साथ गलत व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि गीले कपड़ों में उनकी तस्वीरें और वीडियो बनाए गए।
Cockroach Janta Party (CJP) एक युवा आधारित व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी शुरुआत 16 मई 2026 को अभिजीत दिपके ने की थी। यह आंदोलन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की उस टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने कुछ कार्यकर्ताओं और बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ और ‘समाज का परजीवी’ कहा था। यह पार्टी 20 जून 2026 से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल और धरना दे रही है।
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि जंतर-मंतर पर चल रही इस सामूहिक फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी को तुरंत रोका जाए। याचिका में तर्क दिया गया है कि बिना किसी कानूनी आधार के की जा रही यह निगरानी निजता के अधिकार और अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन है।