Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामले में सजा काट रहे एक व्यक्ति की सजा को निलंबित कर दिया है। कोर्ट ने Krishan Kumar नाम के दोषी की तीन साल की कैद को फिलहाल सस्पेंड किया है। यह फैसला 20 अप्रैल 20
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामले में सजा काट रहे एक व्यक्ति की सजा को निलंबित कर दिया है। कोर्ट ने Krishan Kumar नाम के दोषी की तीन साल की कैद को फिलहाल सस्पेंड किया है। यह फैसला 20 अप्रैल 2026 को सुनाया गया, जिसके बाद आरोपी को राहत मिली है।
क्या था पूरा मामला और कोर्ट का फैसला
यह मामला साल 2017 का है, जब हरि नगर पुलिस स्टेशन में एक बच्चे को 1.5 लाख रुपये में बेचने की FIR दर्ज कराई गई थी। इस मामले में तीस हजारी कोर्ट ने 23 फरवरी 2026 को Krishan Kumar को तीन साल की सजा सुनाई थी। अब जस्टिस सौरभ बनर्जी ने अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि मामले के निपटारे में समय लग सकता है, इसलिए तब तक सजा निलंबित रहेगी।
वकील ने क्या दलीलें पेश कीं
आरोपी के वकील Shishant ने कोर्ट में दलील दी कि अधिकतम सजा तीन साल ही है और अपील पर सुनवाई होने में काफी समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में आरोपी को जेल में रखना अपील के उद्देश्य को खत्म कर देगा और मेरिट के आधार पर केस मजबूत है। कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए इस दलील को माना।
दिल्ली में चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर कोर्ट की चिंता
इसी बीच दिल्ली हाई कोर्ट की एक अन्य बेंच ने बच्चों की तस्करी को लेकर गहरी चिंता जताई है। चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया ने कहा कि दिल्ली बच्चों की तस्करी की ‘मंडी’ बन गई है। कोर्ट ने इस खतरे को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार, भारतीय रेलवे और NCPCR से जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई 2026 को होगी।