Delhi High Court की बड़ी कार्रवाई, जज विनय सिंघल और अधिकारी वीणा रानी निलंबित
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक सेवा में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस (DHJS) की अधिकारी वीणा रानी और डिस्ट्रिक्ट जज विनय सिंघल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक सेवा में अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस (DHJS) की अधिकारी वीणा रानी और डिस्ट्रिक्ट जज विनय सिंघल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस फैसले के बाद न्यायिक गलियारों में काफी हलचल है।
रजिस्ट्रार जनरल अरुण भारद्वाज ने वीणा रानी के निलंबन का आदेश 15 जुलाई, 2026 को जारी किया, जबकि यह फैसला 10 जुलाई को हुई फुल कोर्ट की बैठक में लिया गया था। वीणा रानी के खिलाफ चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय के निर्देश पर एक सतर्कता जांच (vigilance inquiry) की गई थी, जिसके बाद यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। हालांकि, उनके ऊपर लगे आरोपों की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
वहीं दूसरी ओर, डिस्ट्रिक्ट जज विनय सिंघल को भी 10 जुलाई को ही निलंबित कर दिया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने कुछ अयोग्य वकीलों को कोर्ट ऑक्शनियर के तौर पर नियुक्त किया। साथ ही उन्होंने ऐसे न्यायिक आदेश जारी किए, जिससे उन वकीलों को नियमों से ज्यादा भुगतान मिल सके।
यह पूरी कार्रवाई अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 और दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा नियमावली, 1970 के नियमों के तहत की गई है। इन नियमों के मुताबिक, अगर किसी अधिकारी के खिलाफ जांच चल रही हो, तो हाई कोर्ट उन्हें सस्पेंड कर सकता है।
ताजा अपडेट के मुताबिक, दोनों अधिकारियों को अब सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बिना दिल्ली छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। निलंबन के दौरान वीणा रानी का मुख्यालय साकेत कोर्ट और विनय सिंघल का मुख्यालय तीस हजारी कोर्ट के प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज कार्यालय में रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमों के हिसाब से निर्वाह भत्ता और अन्य जरूरी भत्ते दिए जाएंगे।