Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस नए नियम (SOP) पर रोक लगा दी है, जिसमें बिना किसी अनुमति के पेड़ों की छंटाई करने की छूट दी गई थी। जस्टिस जसमीत सिंह ने इस आदेश को पारित किया। यह मामला तब सामने आया जब एक्टिविस
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस नए नियम (SOP) पर रोक लगा दी है, जिसमें बिना किसी अनुमति के पेड़ों की छंटाई करने की छूट दी गई थी। जस्टिस जसमीत सिंह ने इस आदेश को पारित किया। यह मामला तब सामने आया जब एक्टिविस्ट भवरिन कंधारी ने कोर्ट में एक अवमानना याचिका दायर की थी।
बिना अनुमति पेड़ काटने वाले नियम में क्या था
दिल्ली सरकार ने 2 मई 2025 को एक SOP जारी किया था। इस नियम के मुताबिक, अगर पेड़ की टहनी का घेरा 15.7 सेंटीमीटर से कम है, तो उसे बिना किसी Tree Officer की अनुमति के काटा या छांटा जा सकता था। इसके अलावा MCD, NDMC, DDA और PWD जैसी सरकारी एजेंसियों को भी सार्वजनिक क्षेत्रों में छंटाई करने की छूट दी गई थी।
कोर्ट ने इस नियम को क्यों रोका
हाई कोर्ट ने कहा कि यह नया नियम 29 मई 2023 के पुराने फैसले के खिलाफ है। कोर्ट के पिछले आदेश में साफ था कि दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट (DPT Act) के तहत बिना अनुमति के छंटाई नहीं की जा सकती। जस्टिस जसमीत सिंह ने टिप्पणी की कि सरकार एक नोटिफिकेशन के जरिए कोर्ट के फैसले को खत्म या नजरअंदाज नहीं कर सकती।
अब आगे क्या होगा
कोर्ट ने अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को तय की है। दिल्ली सरकार को चार हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक बिना अनुमति के पेड़ों की छंटाई करने वाला यह नियम लागू नहीं रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली सरकार का वह कौन सा नियम था जिस पर रोक लगी है?
सरकार ने 2 मई 2025 को एक SOP जारी किया था, जिसमें 15.7 सेंटीमीटर से कम घेरे वाली टहनियों की छंटाई के लिए Tree Officer से अनुमति लेने की जरूरत नहीं थी।
हाई कोर्ट ने इस पर रोक क्यों लगाई?
कोर्ट ने पाया कि यह नियम दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट 1994 और कोर्ट के 2023 के पुराने फैसले का उल्लंघन करता है।