Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Shalimar Bagh के रोड नंबर 320 को चौड़ा करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि सार्वजनिक हित के लिए निजी कब्जाधारियों को जगह खाली करनी होगी। इस फैसले के बाद अब सड़क चौड़ी करने का काम
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Shalimar Bagh के रोड नंबर 320 को चौड़ा करने का रास्ता साफ कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि सार्वजनिक हित के लिए निजी कब्जाधारियों को जगह खाली करनी होगी। इस फैसले के बाद अब सड़क चौड़ी करने का काम शुरू हो सकेगा, जिससे इलाके के लोगों को जाम से राहत मिलेगी।
खाली करने की समय सीमा क्या है
दिल्ली हाई कोर्ट ने 6 अप्रैल 2026 को अपना आदेश सुनाया। कोर्ट ने सड़क पर कब्जा कर चुके करीब 98 लोगों को 30 मई 2026 तक अपनी जगह खाली करने का समय दिया है। अगर इस तारीख तक जगह खाली नहीं की गई, तो प्रशासन द्वारा तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क विस्तार का काम शुरू हो सके।
सड़क चौड़ी करने की जरूरत क्यों पड़ी
अदालत ने माना कि बुनियादी ढांचे का विकास जरूरी है, खासकर जब बात अस्पताल, स्कूल और फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाओं तक पहुंचने की हो। सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक सुधरेगा और इमरजेंसी गाड़ियां आसानी से निकल सकेंगी। कोर्ट ने कहा कि इस काम में अब और देरी नहीं की जा सकती क्योंकि इससे आम जनता का नुकसान होगा।
मुआवजे और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी
इस मामले में कुछ अहम बातें नीचे दी गई हैं:
- कोर्ट का फैसला: जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने यह आदेश दिया।
- मुआवजा: दिल्ली सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह प्रभावित लोगों की मुआवजे (ex-gratia compensation) की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करे।
- कानूनी स्थिति: इस मामले में पहले भी चुनौतियां दी गई थीं, जिन्हें हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
- प्रभावित क्षेत्र: यह मामला मुख्य रूप से हैदरपुर गांव की अधिग्रहित जमीन से जुड़ा है।