Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Ramanujan College के पूर्व प्रिंसिपल प्रोफेसर रसल सिंह को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके सस्पेंशन (निलंबन) को रद्द कर दिया है। यह मामला तीन महिला शिक्षकों द्वारा लगाए गए यौन उत्प
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Ramanujan College के पूर्व प्रिंसिपल प्रोफेसर रसल सिंह को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके सस्पेंशन (निलंबन) को रद्द कर दिया है। यह मामला तीन महिला शिक्षकों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा था। कोर्ट ने साफ किया कि किसी भी अधिकारी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करने से पहले नियमों का पालन करना जरूरी है।
कोर्ट ने सस्पेंशन को क्यों हटाया?
जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने अपने फैसले में कहा कि कॉलेज ने एक ‘फैक्ट फाइंडिंग कमेटी’ (तथ्य खोजने वाली समिति) बनाई थी, जो PoSH एक्ट के नियमों के खिलाफ है। कानून के मुताबिक, यौन उत्पीड़न की शिकायत सीधे Internal Complaints Committee (ICC) के पास जानी चाहिए। कोर्ट ने माना कि सस्पेंशन ऑर्डर का तरीका गलत था और यह प्रोफेसर की छवि खराब करने वाला था, इसलिए इसे रद्द कर दिया गया। हालांकि, कोर्ट ने कॉलेज को यह छूट दी है कि अगर वह कानून के हिसाब से नया ऑर्डर देना चाहता है, तो दे सकता है।
क्या थे आरोप और प्रोफेसर का क्या कहना था?
इस मामले में तीन महिला फैकल्टी मेंबर्स ने प्रोफेसर रसल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें गलत व्यवहार, बॉडी शेमिंग और धमकियां देने जैसी बातें शामिल थीं। वहीं, प्रोफेसर रसल सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत और बदला लेने की भावना से प्रेरित बताया। उनका कहना था कि यह सब राजनीतिक कारणों और प्रमोशन न मिलने की वजह से किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को नियमों के अनुसार ICC के पास नहीं भेजा गया था।
मामले की समयसीमा और कानूनी प्रक्रिया
| तारीख |
क्या हुआ |
| 13 मार्च (2025 से पहले) |
एक फैकल्टी मेंबर ने पहली शिकायत दर्ज की |
| 5 मई 2025 |
Fact-Finding Committee (FFC) का गठन हुआ |
| 23 जून 2025 |
FFC ने अपनी रिपोर्ट सौंपी |
| 18 सितंबर 2025 |
प्रोफेसर रसल सिंह को सस्पेंड किया गया |
| 26 सितंबर 2025 |
हाई कोर्ट ने सस्पेंशन पर अंतरिम रोक लगाई |
| 24 अप्रैल 2026 |
हाई कोर्ट ने सस्पेंशन को पूरी तरह रद्द कर दिया |