Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के महासचिव कमलेश मेहता की सस्पेंशन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने उन्हें उनके पद पर वापस बहाल करने का आदेश दिया है। साथ ही, फेडरेशन के कामकाज की जांच के लिए सु
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के महासचिव कमलेश मेहता की सस्पेंशन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने उन्हें उनके पद पर वापस बहाल करने का आदेश दिया है। साथ ही, फेडरेशन के कामकाज की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कृष्णा मुरारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कमलेश मेहता को क्यों किया गया था सस्पेंड?
कमलेश मेहता को TTFI की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने 28 जनवरी 2026 को निलंबित किया था। यह कार्रवाई 17 जनवरी 2026 को उनके द्वारा बुलाई गई एक इमरजेंसी स्पेशल जनरल मीटिंग (SGM) के बाद हुई थी। TTFI की प्रेसिडेंट मेघना अहलावत ने इस मीटिंग को असंवैधानिक बताया था। फेडरेशन ने उन पर गवर्नेंस की विफलता और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे।
कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
जस्टिस पुरुषिंद्र कुमार कौरव ने कहा कि फेडरेशन ने सस्पेंशन के दौरान प्राकृतिक न्याय के बुनियादी सिद्धांतों का पालन नहीं किया और इसमें प्रक्रियात्मक कमियां थीं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि फेडरेशन के अंदर दो गुट आपस में सत्ता और प्रभाव के लिए लड़ रहे हैं, जिसकी वजह से खेल और खिलाड़ियों का हित पीछे छूट गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह इन आरोपों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
जांच अधिकारी की भूमिका क्या होगी?
अब जस्टिस कृष्णा मुरारी TTFI के कामकाज की पूरी जांच करेंगे। कमलेश मेहता का आरोप है कि उनके खिलाफ राजनीति की गई और वह केवल खेल की सेवा करना चाहते हैं। वहीं, TTFI का कहना था कि यह कदम पारदर्शिता और टेबल टेनिस के दीर्घकालिक हितों को बचाने के लिए उठाया गया था। अब कोर्ट द्वारा नियुक्त अथॉरिटी यह तय करेगी कि असलियत क्या है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कमलेश मेहता को किस पद से हटाया गया था?
कमलेश मेहता टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) के महासचिव (Secretary General) थे, जिन्हें जनवरी 2026 में निलंबित कर दिया गया था।
TTFI के कामकाज की जांच कौन करेगा?
दिल्ली हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस कृष्णा मुरारी को जांच अधिकारी (Enquiry Authority) नियुक्त किया है।