Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के आरोपी Athar Khan की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मंगलवार, 26 मई 2026 को अपना फैसल
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के आरोपी Athar Khan की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने मंगलवार, 26 मई 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अब कोर्ट आने वाले दिनों में तय करेगा कि आरोपी को जमानत मिलेगी या नहीं।
कोर्ट ने WhatsApp चैट और सबूतों पर क्या कहा?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक तौर पर कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद WhatsApp चैट से प्रथम दृष्टया Athar Khan की साजिश में सक्रिय भूमिका नजर आती है। जजों ने टिप्पणी की कि ये मैसेज साजिश को साबित करते हैं और आरोपी की सीधी भागीदारी दिखाते हैं। Athar Khan पर UAPA और IPC की कई गंभीर धाराएं लगी हुई हैं।
बचाव पक्ष और पुलिस की दलीलें क्या थीं?
Athar Khan के वकील अर्जुन दीवान ने दलील दी कि WhatsApp चैट केवल शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की योजना के बारे में थे, न कि हिंसा भड़काने के लिए। उन्होंने कहा कि आरोपी से कोई हथियार नहीं मिला है और अन्य सह-आरोपियों जैसे शादाब अहमद और गुलफिशा फातिमा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, इसलिए Athar को भी जमानत मिलनी चाहिए।
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मधुकर पांडे और ASG एसवी राजू ने जमानत का विरोध किया। पुलिस ने कहा कि सितंबर 2025 में एक बार जमानत याचिका खारिज हो चुकी है और Athar की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है। पुलिस के मुताबिक, सबूत बताते हैं कि आरोपी का इरादा उन दंगों में हिस्सा लेने का था जिसमें 53 लोगों की जान गई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Athar Khan पर कौन सी धाराएं लगी हैं?
Athar Khan पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
कोर्ट ने जमानत याचिका पर अभी तक क्या फैसला सुनाया है?
कोर्ट ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, बल्कि सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है।