Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी और कांग्रेस की पूर्व पार्षद Ishrat Jahan को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को दिल्ली पुलिस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनकी ज
Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में आरोपी और कांग्रेस की पूर्व पार्षद Ishrat Jahan को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को दिल्ली पुलिस की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनकी जमानत को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने माना कि जमानत की शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।
कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की अपील क्यों ठुकराई?
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि Ishrat Jahan को स्पेशल कोर्ट से जमानत मिले चार साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इस दौरान ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया जिससे यह लगे कि उन्होंने जमानत की किसी भी शर्त को तोड़ा हो। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसकी यह टिप्पणी मामले के गुण-दोष पर आधारित नहीं है।
क्या है पूरा मामला और अब तक की कार्रवाई?
- गिरफ्तारी: Ishrat Jahan को मार्च 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
- जमानत: मार्च 2022 में विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दी थी।
- आरोप: जनवरी 2024 में निचली अदालत ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और दंगा भड़काने जैसे कई गंभीर आरोप तय किए थे।
- वर्तमान स्थिति: इस मामले का ट्रायल अभी भी निचली अदालत में चल रहा है।
कौन-कौन से पक्ष इस कानूनी लड़ाई में शामिल थे?
इस मामले में मुख्य रूप से दिल्ली पुलिस और पूर्व पार्षद Ishrat Jahan आमने-सामने थे। दिल्ली पुलिस ने उनकी जमानत को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे अब अदालत ने खारिज कर दिया है। इससे उनकी जमानत बरकरार रहेगी और कानूनी प्रक्रिया निचली अदालत में जारी रहेगी।