Delhi: कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए एक जरूरी खबर है। Delhi High Court ने CBSE के वेरिफिकेशन पोर्टल को दोबारा खोलने की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर पोर्टल फिर से खोला गया, तो इससे लाखों छात्रों के
Delhi: कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए एक जरूरी खबर है। Delhi High Court ने CBSE के वेरिफिकेशन पोर्टल को दोबारा खोलने की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर पोर्टल फिर से खोला गया, तो इससे लाखों छात्रों के फाइनल रिजल्ट और कॉलेज एडमिशन की प्रक्रिया में काफी देरी हो सकती है।
पोर्टल दोबारा खोलने से क्यों रुकेंगे एडमिशन
कोर्ट में सुनवाई के दौरान Solicitor General तुषार मेहता ने दलील दी कि वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन का काम तय समय सीमा के अंदर पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि इस फैसले से करीब 17.8 लाख छात्र प्रभावित हो सकते हैं। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और मधु जैन की बेंच ने कहा कि एक छात्र के लिए यह सिर्फ एक हफ्ते की बात हो सकती है, लेकिन पूरी प्रक्रिया एक महीने तक पिछड़ सकती है, जिससे ग्रेजुएशन एडमिशन में दिक्कत आएगी।
री-इवैल्यूएशन के लिए क्या थे नियम और फीस
CBSE ने पहले ही स्कैन कॉपी, मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोला था। इसकी प्रक्रिया और फीस इस प्रकार थी:
- मार्क्स वेरिफिकेशन की फीस 500 रुपये प्रति आंसर बुक थी।
- री-इवैल्यूएशन के लिए प्रति प्रश्न 100 रुपये फीस तय की गई थी।
- एक छात्र केवल एक बार ही री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता था।
- री-इवैल्यूएशन के बाद नंबर बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं या फिर वही रह सकते हैं।
अब आगे क्या होगा
NSUI ने एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर On-Screen Marking (OSM) सिस्टम में गड़बड़ियों का आरोप लगाया था और पोर्टल को कुछ दिनों के लिए बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने फिलहाल कोई जल्दबाजी वाला आदेश देने से मना कर दिया है। अब इस मामले की सुनवाई कोर्ट की छुट्टियों के बाद रोस्टर बेंच के सामने होगी। कोर्ट ने सुझाव दिया कि जिन छात्रों को व्यक्तिगत समस्या है, वे सीधे बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल कब तक खुला था
री-इवैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए पोर्टल 2 जून से 6 जून तक खुला था, जिसे बाद में 7 जून तक बढ़ा दिया गया था।
कितने छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था
दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 1.67 लाख छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया था, जिसमें कुल 3.8 लाख आंसर शीट शामिल थीं।