Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Reliance Power के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अशोक कुमार पाल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी से जुड़ा है, जो Solar Energy Corporation o
Delhi: दिल्ली हाई कोर्ट ने Reliance Power के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अशोक कुमार पाल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह मामला 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी से जुड़ा है, जो Solar Energy Corporation of India (SECI) को एक टेंडर के लिए दी गई थी। जस्टिस मधु जैन की वेकेशन बेंच ने उन्हें नियमित और अंतरिम दोनों तरह की जमानत देने से इनकार कर दिया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों नहीं मिली जमानत?
यह मामला जून 2024 का है जब SECI ने 1,000 MW बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट के लिए टेंडर निकाला था। सितंबर 2024 में SECI ने पाया कि Reliance Power द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी फर्जी थी। ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की और अशोक कुमार पाल को अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया। कोर्ट ने कहा कि ED द्वारा पेश किए गए सबूतों को जमानत के इस स्तर पर पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| मुख्य आरोपी |
Ashok Kumar Pal (पूर्व CFO, Reliance Power) |
| फर्जी गारंटी राशि |
68.20 करोड़ रुपये |
| जांच एजेंसी |
Enforcement Directorate (ED) |
| संबंधित कंपनी |
Reliance Power Ltd और Reliance NU BESS Ltd |
| गिरफ्तारी की तारीख |
10/11 अक्टूबर 2025 |
| कोर्ट का फैसला |
10 जून 2026 को जमानत याचिका खारिज |
अदालत में क्या दलीलें दी गईं?
अशोक कुमार पाल के वकील एन हरिहरन ने तर्क दिया कि आरोपी पिछले 8 महीनों से जेल में हैं और ट्रायल शुरू होने में अभी काफी समय लगेगा क्योंकि गवाहों की संख्या 72 है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता की मांग की। वहीं, ED के वकील जोहेब हुसैन ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर है और PMLA कानून की सख्त शर्तों के कारण 8 महीने की हिरासत बहुत ज्यादा नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अशोक कुमार पाल पर क्या आरोप हैं?
उन पर आरोप है कि SECI के एक टेंडर के लिए 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है।
इस केस में किन कंपनियों के नाम सामने आए हैं?
इस मामले में Reliance Power Ltd, उसकी सहायक कंपनी Reliance NU BESS Ltd और बिस्वल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड (BTPL) के नाम सामने आए हैं।